पिछले वित्त वर्ष में देश में बेरोजगारी दर 3.8 फीसद रही. सभी राज्यों और संघशासित प्रदेशों में बेरोजगारी की सबसे कम दर गुजरात और दमन एवं दीव में रही.
श्रम ब्यूरो के महानिदेशक डी एस कोलमाकर ने कहा, ‘हमारी बेरोजगारी दर अमेरिका, स्पेन और दक्षिण अफ्रीका जैसे अन्य देशों के मुकाबले काफी बेहतर स्थिति में है.’
केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के तहत आने वाले श्रम ब्यूरो द्वारा जारी 2011-12 की ताजा रिपोर्ट में कहा गया कि दमन-दीव और गुजरात में बेरोजगारी दर क्रमश: 0.6 फीसद और एक फीसद है. कम बेरोजगारी के मामले में छत्तीसगढ़ और राजस्थान सूची में तीसरे और चौथे स्थान पर रहे.
जहां तक पंजाब का सवाल है इसकी राजकोषीय स्थिति चिंताजनक हो सकती है लेकिन रोजगार प्रदान करने के मामले में यह हरियाणा, दिल्ली और महाराष्ट्र से बेहतर रहा है. पंजाब में बेरोजगारी दर 1.8 प्रतिशत रही है, जो कि अखिल भारतीय स्तर पर सभी राज्यों और संघ शासित प्रदेशों में पांचवी सबसे कम दर है.
कोलमाकर ने कहा कि अखिल भारतीय स्तर पर बेरोजगारी दर 3.8 फीसद रही जबकि ग्रामीण और शहरी इलाकों में बेरोजगारी दर क्रमश: 3.4 फीसद और पांच फीसद रही. यानी शहरी इलाकों के तुलना में ग्रामीण इलाकों में कम बेरोजगार हैं.
हरियाणा में जहां बेरोजगारी दर 3.2 प्रतिशत रही है वहीं संघ शासित प्रदेश चंडीगढ़ में यह पिछले वित्त वर्ष में 2.8 प्रतिशत रही.
कम बेरोजगारी वाले राज्यों की सूची में हरियाणा 13वें स्थान पर रहा जबकि चंडीगढ़ का नौवां स्थान रहा. छत्तीसगढ़ में बेरोजगारी दर 1.2 प्रतिशत तो राजस्थान में 1.7 प्रतिशत रही है.
कोलमाकर के अनुसार दिल्ली में सबसे ज्यादा 4.8 प्रतिशत और महाराष्ट्र में 2.8 प्रतिशत बेरोजगारी दर रही है. बेरोजगारी पर किये गये इस सर्वेक्षण में देशभर के 1.28 लाख परिवारों का सर्वेक्षण किया गया. इसमें 81,430 परिवार ग्रामीण क्षेत्र से और शेष 46,868 परिवार शहरी क्षेत्र के शामिल किये गये.
कोलमकार ने आगे कहा कि श्रम शक्ति में भागीदारी की दर कम होने के बावजूद पुरुषों की तुलना में महिलाओं में बेरोजगारी की दर उल्लेखनीय रुप से काफी उंची रही है. अखिल भारतीय स्तर पर महिलाओं में बेरोजगारी की दर 6.9 प्रतिशत जबकि पुरुषों में पिछले वित्त वर्ष के दौरान 2.9 प्रतिशत रहने का अनुमान है.