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मुंबई हमले में पाक कोशिशें थीं नाकाफीः हिलेरी

अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने सोमवार को पाकिस्तान पर आरोप लगाया कि उसने मुंबई आतंकवादी हमले के मामले में पर्याप्त कार्रवाई नहीं की है. उन्होंने कहा कि साल 2008 के मुंबई हमले से जुड़े सभी आतंकवादियोंपर कार्रवाई होनी चाहिए.

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हिलेरी क्लिंटन
हिलेरी क्लिंटन

अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने सोमवार को पाकिस्तान पर आरोप लगाया कि उसने मुंबई आतंकवादी हमले के मामले में पर्याप्त कार्रवाई नहीं की है. उन्होंने कहा कि साल 2008 के मुंबई हमले से जुड़े सभी आतंकवादियोंपर कार्रवाई होनी चाहिए.

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उन्होंने कहा कि भारत व अमेरिका दोनों ही पाकिस्तान से इस दिशा में कार्रवाई करने के लिए बार-बार अनुरोध करते रहे हैं.

क्लिंटन ने कहा, 'आपको आपकी हत्या की कोशिश करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करनी पड़ती है. हमने मुंबई हमलों के साजिशकर्ता हाफिज सईद पर एक करोड़ डॉलर का इनाम घोषित किया था. हम चाहते हैं कि इस हमले से जुड़े सभी लोगों को न्याय प्रक्रिया से गुजारा जाए.'

पाकिस्तान के 10 आतंकवादियों ने नवंबर 2008 में मुंबई में आतंकवादी हमला किया था. इसमें विदेशी नागरिकों सहित 166 लोग मारे गए थे. एक हमलावर अजमल आमिर कसाब को गिरफ्तार कर लिया गया था.

क्लिंटन ने कहा, 'हम इस बात से अच्छी तरह वाकिफ हैं कि भारत व अमेरिका इस संबंध में कार्रवाई के लिए बार-बार जो अनुरोध करते रहे हैं, उसे लेकर पाकिस्तानी सरकार ने इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाए हैं.'

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आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैय्यबा के संस्थापक हाफिज सईद पर मुंबई हमलों की साजिश रचने का आरोप है. अमेरिका ने पिछले महीने 'रिवार्ड्स फॉर जस्टिस' कार्यक्रम के तहत सईद की जानकारी देकर उसकी गिरफ्तारी व उस पर मामला चलाए जाने के लिए मदद देने वाले को एक करोड़ डॉलर का इनाम देने की घोषणा की थी.

इसके साथ आतंकवादी हाफिज अब्दुल रहमान मक्की पर 20 लाख डॉलर के इनाम की घोषणा की थी. क्लिंटन ने कहा कि अमेरिका की आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में तेजी से प्रगति हुई है.

उन्होंने कहा, 'हम अलकायदा का खात्मा चाहते हैं और इसमें हमने महत्वपूर्ण प्रगति की है. अब भी कुछ आतंकवादी बचे हैं.

हमारा मानना है कि उनमें से कुछ पाकिस्तान में हैं और हम व हमारे समकक्ष उनके खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं. किसी भी अन्य नेटवर्क की तुलना में आतंकवाद का नेटवर्क बहुत विस्तृत है और इसे पूरी तरह से नष्ट करने में लम्बा समय लगेगा.'

क्लिंटन ने यह भी कहा कि भारत व अमेरिका को धार्मिक सहिष्णुता की दिशा में साथ में काम करने की आवश्यकता है. क्लिंटन ने कहा, 'हमें धार्मिक सहिष्णुता की दिशा में अधिक काम करना है.' क्लिंटन भारत की तीन दिवसीय यात्रा पर हैं. वह रविवार को पश्चिम बंगाल पहुंचीं.

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