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'गुडि़या' रेप केस: विरोध कर रही लड़की को थप्‍पड़ मारने वाले ACP सस्‍पेंड

बच्ची के साथ हैवानियत से हिल उठी है दिल्ली औऱ सहम उठे हैं राजधानी के लोग. लेकिन हैरानी हो रही है दिल्ली पुलिस के रवैये से भी.

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एसीपी अहलावत
एसीपी अहलावत

बच्ची के साथ हैवानियत से हिल उठी है दिल्ली औऱ सहम उठे हैं राजधानी के लोग. लेकिन हैरानी हो रही है दिल्ली पुलिस के रवैये से भी. पहले तो बच्ची के परिवार की बेटी को खोजने की गुहार पर उन्हें थाने से भगा दिया और घटना सामने आने के बाद 2 हजार रुपए देकर मां-बाप को मुंह बंद रखने की नसीहत दी. और तो और जब इस मामले में महिला प्रदर्शनकारियों ने पुलिस अधिकारियों से जवाब मांगना चाहा तो बदले में मिले 2 थप्पड़.

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एसीपी बीएस अहलावत ने प्रदर्शन कर रही युवती को अस्पताल के अंदर कम से कम चार बार थप्पड़ मारा. उन्हें पुलिस आयुक्त नीरज कुमार द्वारा तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया.

दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता राजन भगत ने कहा कि हमें इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना पर खेद है और बीएस अहलावत, जो कैमरे पर यह र्दुव्‍यवहार करते हुए दिख रहे हैं, उन्हें निलंबित किया गया है और विभागीय जांच के आदेश दिये गये हैं. इस तरह का कदम बर्दाश्त नहीं किया जा सकता.

दरअसल, गांधीनगर में 5 साल की मासूम बच्‍ची को 2 दिन तक बंधक बनाकर उसके साथ रेप किया गया. जब लोगों को खबर लगी तो वे अस्‍पताल के बाहर विरोध-प्रदर्शन करने पहुंच गए. भीड़ के गुस्‍से से खजूरी खास के एसीपी बेनी सिंह अहलावत इतना भड़क गए कि उन्‍होंने गैंरेप पीड़‍िता के लिए न्‍याय की मांग रही एक लड़की को ही थप्‍पड़ मार दिया.

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धिक्कार है इस समाज पर, धिक्कार है समाज के हैवानों पर और धिक्कार है दिल्ली पुलिस पर भी जिसका एक बड़ा अधिकारी इस घटना का विरोध कर रही लड़की को सरेआम थप्पड़ मारता है. करीब 48 घंटे तक 5 साल की बेटी घर से गायब रही. न जाने एक दरिंदे ने या ढेरों दरिंदों ने बच्ची को नोंचा खसोटा.

सबकुछ रोका जा सकता था अगर देश की सबसे स्मार्ट दिल्ली पुलिस ने जरा सी भी तेजी और संजीदगी दिखाई होती. बच्ची के मां-बाप अपनी लाडली के गायब होने के बाद इलाके के थाने में पुलिस की मदद के लिए गुहार लगाने पहुंचे लेकिन वहां मिला को सिर्फ घंटों की मायूसी और पुलिस की बदसलूकी.

बच्ची मिलने और मामले के खुलासे के बाद बवाल मचा हुआ है. आम आदमी पार्ची के कार्यकर्ताओं ने पुलिस हाय-हाय के नारे लगाना शुरू कर दिए. लेकिन पुलिस के बेरहम चेहरे का एक पहलू अभी सामने आना बाकी था. जब हंगामा ज्यादा बरपने लगा तो दिल्ली पुलिस ने बच्ची के मां-बाप को चंद रुपयों का लालच देकर अपना मुंह बंद रखने का दबाव बनाना शुरू कर दिया.

5 साल की फूल सी मासूम की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है. बच्ची की उम्र कम है और उसके परिवार को भी अपनी लाडली के बचने की उम्मीद कम ही लग रही है. सदैव आपके साथ, आपके लिए. दिल्ली पुलिस का यही नारा है. लेकिन अगर दिल्ली पुलिस ने मामले में गंभीरता दिखाई होती शायद आज एक फूल सी मासूम दरिंदगी का शिकार होकर मौत के मुहाने पर यूं खड़ी न होती.

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दरिंदगी की इंतेहां...
दिल्ली के गांधीनगर इलाके में 5 साल की एक मासूम 15 अप्रैल को घर के पास ही खेलते हुए अचानक गायब हो गई. दो दिन बाद जब वो मिली तो उसकी हालत देख कर सब कांप गए. बलात्कार के बाद हैवान ने मासूम की जिंदगी छीनने की कोई कसर नहीं छोड़ी थी. बलात्कार का आरोप बच्ची के पड़ोसी पर लगा है, जो किराएदार के तौर पर रहता है.

गंभीर हालत में जख्‍मी बच्ची को अस्‍पताल ले जाया गया. उसका ऑपरेशन हुआ तो उसके पेट से मोमबत्ती और तेल की शीशी निकली. पूर्वी दिल्ली के एक अस्पताल के आईसीयू में भर्ती मासूम की हालत बेहद नाजुक है. हैवान ने बच्ची को दो दिनों तक कमरे में बांधकर रखा. बच्ची के साथ बलात्कार किया और फिर ब्लेड मारकर उसकी जान लेने की कोशिश की.

मुंह बंद रखने के लिए पैसों की पेशकश
बेटी की हालत देखकर मां-बाप पर क्या गुजरी होगी, वो आप समझ सकते हैं, लेकिन दिल्ली पुलिस ने भी इसके बाद मां-बाप को ही जख्म दिए. रेप पीड़ि‍त बच्‍ची के रिश्‍तेदार के मुताबिक पुलिस ने लड़की से हुई हैवानियत की जानकारी मीडिया को न देने की हिदायत दी. पुलिस पर इल्जाम है कि मुंह बंद रखने के लिए पीड़ित के पिता को 2000 रुपये देने की पेशकश की.

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नेताओं से धक्‍कामुक्‍की
पहले हैवानियत और फिर दिल्ली पुलिस ने जिस तरह से जख्‍म दिए उससे लोगों का गुस्‍सा भड़क उठा. आम आदमी पार्टी के समर्थकों ने अस्पताल के बाहर जमकर प्रदर्शन किया. लड़की को अस्‍पताल देखने गए दिल्‍ली के स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री एके वालिया के साथ भी भीड़ ने बदसलूकी की. यही नहीं कांग्रेस सांसद संदीप दीक्षित के साथ भी धक्‍का-मुक्‍की की गई.

खून से लथपथ मिली बच्‍ची
गायब होने के 2 दिन बाद यानी 17 अप्रैल को मासूम बच्‍ची जहां से मिली, वो पड़ोसी का ही एक घर था. बच्ची के दर्द से कराहने की आवाज सुनकर लोगों ने पड़ोस के घर का ताला तोड़ा तो बच्ची खून से लथपथ मिली. बच्ची के हाथ-पैर भी बंधे हुए थे.

आरोपी अब भी फरार
दिल्ली को फिर दहला देने वाली इस घटना के बाद पुलिस ने मामला तो दर्ज कर लिया है, लेकिन अभी तक वो दरिंदा पकड़ा नहीं गया है जिसने 5 साल की मासूम बच्ची की जिंदगी तार-तार कर दी. बच्‍ची इस वक्त अस्पताल में मौत से जंग लड़ रही है.

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