अब इसे चाहे ईश्वर की कृपा कहे या फिर चमत्कार, ईश्वर में यकीन न रखने वाले लोग इसे किसी साइंटिफिक थ्योरी से जोड़ कर देखेंगे लेकिन इस खबर में कुछ तो जरूर है जो इसे पढ़ने के लिए और इस पर सोचने के लिए मजबूर कर देता है.
यह एक 70 वर्षीय अमेरिकी महिला (मैरी एन फ्रैंक) की कहानी है. वह फ्लोरिडा में रहती हैं और साल 1993 में एक कार दुर्घटना के बाद धीरे-धीरे आखों की रोशनी खो बैठी थीं.
हाल ही में वह एक और दुर्घटना का शिकार हुईं. लेकिन इस दुर्घटना ने उन्हें नुकसान पहुंचाने के बजाय फायदा ही दिया. उनकी रोशनी वापस आ गई है और डॉक्टर इस गुत्थी को सुलझाने में लगे हुए हैं.
मैरी बताती हैं कि उन्हें सब-कुछ काला दिखता था. एक दिन वह अपने दरवाजे की ओर बढ़ रही थीं कि उनका पैर किसी चीज से टकराया और वह गिर पड़ीं. इसी बीच उनका सिर जोर से किसी चीज से टकराया और वह बेसुध हो गईं.
वह कहती हैं कि यह घटना अगस्त 2015 की है और इस चोट से उबरने के लिए उन्हें गर्दन के ऑपरेशन की जरूरत आन पड़ी. चार घंटे चले इस ऑपरेशन के बाद वह आराम कर रही थीं और तभी उन्हें महसूस हुआ, जैसे उनकी रोशनी वापस आ गई है. उन्हें सारी चीजें साफ-साफ दिखलाई पड़ने लगीं. हालांकि वह इतने वर्षों के अंधेपन के बाद यह समझ नहीं पा रही थीं कि उनके साथ क्या हो रहा है.
मैरी को ऑपरेट करने वाले न्यूरोसर्जन जॉन अफशार कहते हैं कि उन्हें इस बात का कोई अंदाजा नहीं था कि उनकी रोशनी फिर से लौट जाएगी. उनके पास इस बात का कोई साइंटिफिक विवरण नहीं है. वे कहते हैं कि हो सकता है कि इस ऑपरेशन के दौरान उनके पूर्व में बाधित हो चुकी दिमागी रक्त ग्रंथियों में कुछ सकारात्मक बदलाव हुए हों और इसी वजह से ऐसा चमत्कार हुआ हो.
अब हम तो बस यही कहेंगे कि ऐसे चमत्कार सभी की जिंदगी में हों और इस घटना ने मेरी को ईश्वर में विश्वास करने की पुख्ता वजह दी है.