करीब 112 साल पहले, आइस बर्ग से टकराने के कारण अटलांटिक महासागर में डूबे टाइटैनिक को लेकर आज भी तमाम रहस्य जस के तस है. उस घटना को भले ही एक दशक से ऊपर हो गया हो. मगर देश दुनिया में लोगों की एक बड़ी आबादी ऐसी है, जो आज भी यही चाहती है कि, उन रहस्यों पर से पर्दा हटे और उन्हें बताया जाए कि 14 अप्रैल 1912 को आखिर ऐसा क्या हुआ? जिसके बाद 1,517 लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा.
टाइटैनिक आज भी भले ही दुनिया के लिए एक अनसुलझी पहेली हो. लेकिन तमाम लोग ऐसे हैं जिनका मानना है कि, अगर टाइटैनिक जैसा कोई जहाज दोबारा बनाया जाए तो उसपर सवार होकर वे रोमांच का अनुभव जरूर करेंगे. ऐसे लोगों का सपना बस साकार होने ही वाला है. दरअसल ऑस्ट्रेलिया के एक अरबपति ने टाइटैनिक की प्रतिकृति बनाने की अपनी योजना को फिर से शुरू कर दिया है.
ऑस्ट्रेलिया के खनन दिग्गज क्लाइव पामर ने लोगों से ये वादा किया है कि, नया टाइटैनिक जहाज अपने मूल से कहीं अधिक बेहतर होगा. ऑस्ट्रेलिया के पामर ने पहली बार 2012 में टाइटैनिक II की योजना शुरू की थी. 2018 में दूसरा प्रयास कोविड के कारण विफल हो गया.
टाइटैनिक 2 पार बात करते हुए पामर ने कहा है कि, टाइटैनिक को दोबारा बनाना घर पर बैठकर अपने पैसे गिनने से कहीं अधिक मजेदार है. टाइटैनिक 2 के विषय में ये जानकारी भी सामने आई है कि साउथेम्प्टन से न्यूयॉर्क तक की इसकी पहली यात्रा जून 2027 के लिए निर्धारित है.
इस यात्रा की खास बात ये होगी कि इस यात्रा में यात्रियों को वो सारी सुख सुविधाएं मिलेंगी जिसकी कल्पना उन्होंने शायद ही कभी की हो. जहाज का आंतरिक भाग और केबिन लेआउट मूल जहाज के समान होगा, जिसमें एक बॉलरूम, स्विमिंग पूल और तुर्की स्नानघर होंगे.
टाइटैनिक 2 को लेकर जानकारी ये भी दी गई है कि 835 केबिनों में से लगभग आधे प्रथम श्रेणी के यात्रियों के लिए आरक्षित होंगे. दिलचस्प ये रहेगा कि टाइटैनिक 2 में यात्रा करने वाले यात्रियों को 1900 के दशक की पोशाक पहनने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा.
अगर बात तीसरी श्रेणी के यात्रियों की हो तो वे कॉमन डाइनिंग हॉल में ठीक वैसे ही भोजन करेंगे जैसी व्यवस्था तीसरी श्रेणी के यात्रियों के लिए टाइटैनिक 1 में की गई थी. बताया ये भी जा रहा है कि इस जहाज में सवार सभी यात्रियों के लिए भोजन के खास प्रबंध किये जाएंगे.
क्योंकि टाइटैनिक हमेशा से ही देश दुनिया के लोगों के कौतुहल का विषय रहा है. इसलिए जेम्स कैमरून भी इससे प्रभावित हुए और 1997 में टाइटैनिक के लिए ऑस्कर अपने नाम किया.
टाइटैनिक फिल्म का हवाला देते हए पामर ने कहा है कि जैक और रोज़ की प्रेम कहानी "हर किसी के दिल को छूने वाली है" साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि, टाइटैनिक 2 एक ऐसी चीज़ है जो शांति प्रदान कर सकती है. उन्होंने माना कि यह दुनिया के सभी देशों के बीच शांति का जहाज हो सकता है.'