ग्राहकों द्वारा दिए जाने वाले नकली नोटों से बचने के लिए कोलकाता तथा आस-पास के इलाके की महिला यौनकर्मियों को नकली नोटों की पहचान करना सिखाया जा रहा है. एक गैर सरकारी संगठन की कार्यकर्ता ने शुक्रवार को यह जानकारी दी.
पश्चिम बंगाल में 65,000 महिला यौनकर्मियों के बीच काम करने वाली गैर सरकारी संगठन 'दरबार महिला समन्वय समिति' की सचिव भारती डे ने बताया, ‘हमने अपने केंद्रों पर विशेष मशीनों का इंतजाम किया है ताकि ये महिलाएं अपने नोटों की जांच कर सकें. इसके अलावा वे ऐसी घटनाओं से अच्छी तरह वाकिफ हैं इसलिए उन्हें असली-नकली नोटों के बीच पहचान करने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है.’
डे ने बताया कि महिला यौनकर्मी ग्राहकों की धोखाधड़ी से निबटने में माहिर हैं लेकिन वे पुलिस में उनके खिलाफ मामला दर्ज करवाने से डरती हैं.