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'Gen Z को 5वीं की मैथ्स तक नहीं आती तो जॉब कैसे दूं', CEO की पोस्ट वायरल, छिड़ी बहस

Ashish Gupta नाम के एक CEO ने हाल ही में लिंक्डइन पर एक पोस्ट शेयर किया, जो अब वायरल है. उन्होंने एक प्रतिष्ठित कॉलेज में कैंपस प्लेसमेंट के दौरान 50+ स्टूडेंट्स से एक आसान मैथ्स का सवाल पूछा. ये सवाल क्लास 5 के लेवल का था, लेकिन हैरान करने वाली बात ये रही कि सिर्फ 2 स्टूडेंट्स ही सही जवाब दे सके.

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Gen Z पांचवी की बेसिक मैथ्स नहीं आती! CEO के दावे पर छिड़ी बहस (Representational image from Pexels)
Gen Z पांचवी की बेसिक मैथ्स नहीं आती! CEO के दावे पर छिड़ी बहस (Representational image from Pexels)

आज की जनरेशन डिजिटल दुनिया में तेजी से आगे बढ़ रही है, लेकिन क्या वे बेसिक स्किल्स जैसे प्रॉब्लम-सॉल्विंग और फाइनेंशियल लिटरेसी में पीछे रह रहे हैं? बेंगलुरु के एक CEO के बयान के बाद यह बहस और तेज हो गई है.

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Gen Z, यानी वे लोग जो 1990 के दशक के अंत और 2000 के दशक की शुरुआत में पैदा हुए हैं, अक्सर अपनी वर्क एथिक्स को लेकर चर्चा में रहते हैं. हाल ही में आई एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि कई कंपनियां Gen Z को काम पर रखने से बच रही हैं. वजह? रिपोर्ट के मुताबिक, काम के प्रति बेपरवाह रवैया, जो कंपनियों को रास नहीं आ रहा.

जब यह रिपोर्ट आई, तो Gen Z ने भी सोशल मीडिया पर अपना पक्ष रखा. उनका कहना था कि जमाना तेजी से बदल रहा है, तो काम करने का तरीका भी बदलना चाहिए. वे स्मार्ट वर्क में यकीन रखते हैं, लेकिन कंपनियां अभी भी सिर्फ हार्ड वर्क को ही अहमियत दे रही हैं.

अब इसी बहस को बेंगलुरु के एक CEO के दावे ने और हवा दे दी है. उन्होंने कहा कि Gen Z के लोग इंस्टाग्राम और सोशल मीडिया एल्गोरिदम तो अच्छे से समझते हैं, लेकिन बेसिक मैथ्स और लॉजिकल थिंकिंग में फेल हो जाते हैं.

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क्या है पूरा मामला?

Ashish Gupta नाम के एक CEO ने हाल ही में लिंक्डइन पर एक पोस्ट शेयर किया, जो अब वायरल है. उन्होंने एक प्रतिष्ठित कॉलेज में कैंपस प्लेसमेंट के दौरान 50+ स्टूडेंट्स से एक आसान मैथ्स का सवाल पूछा. ये सवाल क्लास 5 के लेवल का था, लेकिन हैरान करने वाली बात ये रही कि सिर्फ 2 स्टूडेंट्स ही सही जवाब दे सके.

देखें पोस्ट

क्या था सवाल?

अगर एक कार पहले 60 किमी की यात्रा 30 किमी/घंटा की स्पीड से और अगले 60 किमी 60 किमी/घंटा की स्पीड से तय करती है, तो उसकी औसत गति क्या होगी?

Ashish Gupta ने दावा किया कि जब उन्होंने स्टूडेंट्स से अपने प्रोडक्ट को मार्केट करने के लिए आइडिया मांगा, तो उनके पास इंस्टाग्राम रील्स, वायरल कंटेंट और डिजिटल ट्रेंड्स पर भरपूर नॉलेज थी..लेकिन जब बेसिक लॉजिकल और मैथ्स स्किल्स की बात आई, तो ज्यादातर स्टूडेंट्स फेल हो गए.

सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

गुुप्ता की पोस्ट ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी. कई यूजर्स ने इस पर सहमति जताई कि बेसिक मैथ्स और क्रिटिकल थिंकिंग जरूरी स्किल्स हैं. वहीं, कुछ ने सवाल उठाया कि क्या गणित का ज्ञान जॉब के लिए इतना अहम है?

एक यूजर ने लिखा कि मैथ्स आना जरूरी है, लेकिन क्या औसत गति निकालना जॉब की योग्यता तय कर सकता है? वहीं, दूसरे ने कहा कि ये सच है कि Gen Z सोशल मीडिया में तेज है, लेकिन हमें उन्हें बैलेंस्ड स्किल सेट देना होगा.वहीं किसी का कहना ये पांचवी मैथ्स भले ही है, ये सवाल थोड़ा सा ट्रिकी है. क्या आप को इस सवाल का जवाब पता है.

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