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अरबपति ब्रायन जॉनसन (Bryan Johnson खुद को जवान बनाए रखने की जिद के चलते सोशल मीडिया पर अक्सर चर्चा में रहते हैं. दावा किया जाता है कि वह हर साल करीब 16 करोड़ रुपये सिर्फ इस मकसद के लिए खर्च करते हैं. 47 साल के जॉनसन अपनी उम्र को रोकने के लिए हर संभव कोशिश करते हैं, और यही वजह है कि वह दुनिया भर में मशहूर हो गए हैं.
वहीं, दूसरी ओर निखिल कामथ (Nikhil Kamath) भारतीय स्टॉक ब्रोकिंग फर्म Zerodha के को-फाउंडर हैं. हालांकि, हाल के दिनों में वह अपने पॉडकास्ट के लिए ज्यादा जाने जाते हैं. उनके पॉडकास्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक शामिल हो चुके हैं, जिससे उनकी चर्चा और बढ़ गई.
अब ये दोनों शख्स पॉडकास्ट के सिलसिले में मिले, लेकिन इस मुलाकात के दौरान कुछ ऐसा हुआ, जिसने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया!
पॉडकास्ट छोड़ कर भागे ब्रायन जॉनसन
अमेरिकी अरबपति ब्रायन जॉनसन (Bryan Johnson) जो खुद को जवान बनाए रखने के लिए करोड़ों रुपये खर्च करते हैं, मुंबई की हवा को महज 10 मिनट भी सहन नहीं कर पाए! निखिल कामथ (Nikhil Kamath) के साथ उनका पॉडकास्ट पूरी तैयारी के बावजूद अधूरा रह गया।
क्या हुआ था?
खुद की जवानी बरकरार रखने के लिए रोजाना 111 गोलियां लेने वाले जॉनसन का दावा है कि उनकी हड्डियां 30 साल की और दिल 37 साल का है. उनकी मुलाकात निखिल कामथ से मुंबई के बांद्रा स्थित सी-फेसिंग अपार्टमेंट में होनी थी, जहां से समुद्र का नज़ारा दिखता है. पॉडकास्ट के लिए हवा की गुणवत्ता का खास ख्याल रखा गया था. बाहर भले ही AQI 160 था, लेकिन कमरे के अंदर इसे 130 पर कंट्रोल किया गया. इसके बावजूद ब्रायन जॉनसन को मुंबई की हवा रास नहीं आई. वह इसे सहन नहीं कर सके और महज 10 मिनट में पॉडकास्ट छोड़कर चले गए.
भारत की हवा पर जॉनसन का बयान
बाद में ब्रायन ने एक्स पर पोस्ट लिखी. ब्रायन ने कहा कि मैंने भारत में खराब हवा की वजह से पॉडकास्ट जल्दी खत्म कर दिया. होटल का एयर प्यूरीफायर बाहर की हवा को पूरी तरह फिल्टर नहीं कर पाया, जिससे AQI 130 और PM2.5 लेवल 75 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर हो गया. यह 24 घंटे में 3.4 सिगरेट पीने के बराबर था.
भारत में वायु प्रदूषण इतना सामान्य हो गया है कि इसके नकारात्मक प्रभावों के बारे में सभी को पता होने के बावजूद कोई नोटिस ही नहीं करता. लोग बाहर भाग रहे होते हैं. बच्चे भी इसके
प्रभाव में आ जाते हैं. किसी ने भी ऐसा मास्क नहीं पहना जो जोखिम को काफी हद तक कम कर सके. यह सब काफी भरमाने वाला है.
उन्होंने आगे लिखा कि सबूतों से पता चलता है कि भारत सभी कैंसरों का इलाज करने की तुलना में वायु की गुणवत्ता को बेहतर करके अपनी आबादी के स्वास्थ्य में अधिक सुधार कर सकता है.
सोशल मीडिया पर क्या आया रिएक्शन
उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है. कुछ लोग उन्हें भारत विरोधी बता रहे हैं, जबकि कुछ का कहना है कि भारतीय ऐसी हवा में रहने के आदी हैं और 100 साल से ज्यादा जीते हैं. कई यूजर्स ने तंज कसते हुए कहा कि कोई विदेशी हमें यह न बताए कि हमें क्या करना चाहिए और क्या नहीं.