ब्रिटिश सैनिक पर आरोप लगा है कि उन्होंने अपनी बहादुरी की कपोत-कल्पित कहानी बनाई, इसी कहानी के आधार पर उन्हें वीरता का मेडल Conspicuous Gallantry Cross मिल गया. हद तो यह रही कि उन्होंने इस प्रतिष्ठित मेडल के अलावा अन्य मेडल भी एक ऑक्शन में 1 करोड़ 34 लाख रुपए से अधिक की कीमत में बेच डाले. अब इस मामले में मिलिट्री पुलिस ने जांच शुरू की है. वहीं इस मामले में स्पेशल फोर्स के दो सैनिकों के अलावा दर्जनों गवाह भी जांच के दायरे में हैं, जिनसे पूछताछ की जाएगी.
'द सन' की रिपोर्ट के मुताबिक, ब्रिटिश सैनिक सार्जेंट डीकन कटरहैम को विशिष्ट वीरता क्रॉस (Conspicuous Gallantry Cross) से नवाजा गया था. यह ब्रिटिश आर्म्ड फोर्स में विक्टोरिया क्रॉस ( Victoria Cross) के बाद दूसरा सबसे बड़ा अवॉर्ड है.
डीकन कटरहैम को यह पुरस्कार इसलिए दिया गया था क्योंकि उन्होंने बताया था कि हेलमंड प्रांत (अफगानिस्तान) में साल 2011 में तालिबान के हैंड ग्रेनेड को पकड़कर अपने साथियों से दूर फेंक दिया था. उनके इस कृत्य को तब बहादुरी भरा कहा गया था, साथ ही यह भी कहा गया कि उनकी वीरता की वजह से कई लोगों की जिंदगी बची थी.
'द सन' की रिपोर्ट में बताया गया है डीकन कटरहैम पर झूठ बोलने का आरोप लगा है. वहीं उन्होंने 'Conspicuous Gallantry Cross' समेत कई मेडल 1 करोड़ 34 लाख रुपए में ऑक्शन में बेच दिए.
हालांकि, कटरहैम के मामले में सेना ने जोर देकर कहा कि 2012 में जब प्रिंस चार्ल्स ने बकिंघम पैलेस में उनको मेडल से नवाजा था, उससे पहले उनकी कड़ी जांच हुई थी.
'द सन' से इस मामले में कटरहैम के साथी से बात की, उन्होंने कहा- 'तब ऐसा कुछ हुआ ही नहीं था. किसी ने भी उनको ऐसा करते हुए नहीं देखा, जब हम लोग वापस कैंप की ओर गए तो वहां एक हैंड ग्रेनेड गायब था.' उन्होंने आशंका जताई कि यह कटरहैम का ही ग्रेनेड था.
उन्होंने आगे बताया तब हम लोगों ने उनके इस किस्से को बहादुरी भरा कहा था लेकिन उन्होंने अपने फायदे के लिए बेशकीमती मेडल बेच दिए.
38 साल के कटरहैम ब्रिस्टल (ब्रिटेन) के रहने वाले हैं. उन्होंने 1 राइफल्स रेजीमेंट में अपनी सेवा दी थी. खुद कटरहैम ने भी माना कि उनके इस बहादुरी भरे काम को किसी ने नहीं देखा था कि क्योंकि ग्रेनेड को देखते की उन्होंने उस पर छलांग लगा दी थी. साल 2020 में जब यह मामला पहली बार सामने आया था तब कटरहैम ने अपनी सफाई में कहा था कि जिन परिस्थितियों में घटनाएं हुईं, वो उन सभी बातों पर कायम हैं.
वहीं, इस मामले में सेना के प्रवक्ता ने कहा कि यह मामला जांच के दायरे में है, ऐसे में इस बारे में कमेंट करना ठीक नहीं होगा.