क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency) का मौजूदा दौर में चलन बढ़ा है. कई देशों के इंवेस्टर्स क्रिप्टोकरेंसी में बढ़-चढ़कर निवेश कर रहे हैं. जिसके चलते कई देशों में इसे वैध कर दिया गया है. लेकिन इस बीच कुछ ऐसा हुआ, जिसने सभी को हैरान कर दिया है.
दरअसल, कई यूजर्स को बिना पैसा लगाए ही 89 मिलियन डॉलर (करीब 663 करोड़ रुपये) की क्रिप्टोकरेंसी मिल गई. बिजनेस इनसाइडर की रिपोर्ट के मुताबिक, डिसेंट्रलाइज्ड फाइनेंस प्लेटफॉर्म 'कंपाउंड' (Decentralized Finance Flatform, DeFi) में अपडेट के बीच एक बग (तकनीकी गलती) की वजह से इसके कई यूजर्स को गलती से लगभग 89 मिलियन डॉलर मूल्य की क्रिप्टोकरेंसी सेंड हो गई.
ऐसे में अब इसे वापस पाने के लिए कंपनी के CEO रॉबर्ट लेशनर यूजर्स से निवेदन कर रहे हैं कि उन्हें क्रिप्टोकरेंसी वापस कर दें. वह यूजर्स से इसे अपनी इच्छा से लौटाने की गुहार लगा रहे हैं. इस मसले पर लेशनर ने ट्वीट किया- "यदि आपको कंपाउंड प्रोटोकॉल त्रुटि (Compound Protocol Crror) से एक बड़ी, गलत राशि प्राप्त हुई है तो कृपया इसे कंपाउंड टाइमलॉक पर वापस कर दें." साथ ही उन्होंने लोगों को रेवेन्यू सर्विस को रिपोर्ट करने की चेतावनी भी दी.
A few hours ago, Proposal 62 went into effect, updating the Comptroller contract, which distributes COMP to users of the protocol.
The new Comptroller contract contains a bug, causing some users to receive far too much COMP. https://t.co/Fy6nLgDqKy
— Robert Leshner (@rleshner) September 30, 2021
गौरतलब है कि पिछले महीने भी एक क्रिप्टो प्रोजेक्ट कई घंटों के लिए ब्लैक आउट हो गया था. इतना ही नहीं कुछ महीने पहले हैकर ने एक DeFi प्रोजेक्ट में सेंधमारी करते हुए 600 मिलियन डॉलर मूल्य के टोकन उड़ा दिए थे. हालांकि, बाद में उस हैकर ने टोकन लौटा दिया था.
क्या है क्रिप्टोकरेंसी?
आपको बता दें कि क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency) एक डिजिटल मुद्रा (Digital Currency) है. इससे सिर्फ ऑनलाइन लेन-देन (Online Transaction) किया जा सकता है. जैसे किसी देश की सरकारें निश्चित मूल्य के बदले कागजी नोट/सिक्के जारी करती है, क्रिप्टोकरेंसी उस तरह की मुद्रा नहीं है.