जिस शख्स को लेकर उसके परिजनों को लगा कि वह मर गया है, वह 12 साल बाद विदेश के एक अस्पताल में जिंदा मिल गया. शख्स की मां भी इस बारे में जानकर हैरान रह गई. बेटे के जिंदा होने की सूचना को मां ने 'चमत्कार' बताया है.
मूल रूप से ब्रिटेन के रहने वाले निकोलस कर्टिस (Nicholas Curtis) हिचहाइकिंग के लिए निकले थे. साल 2010 के बाद निकोलस का अपने परिवार से संपर्क नहीं हो पाया. इसके बाद परिजनों ने भी मान लिया कि निकोलस की मौत हो गई. निकोलस की मां जोएस ने भी मान लिया था कि उनका बेटा मर गया है, लेकिन विगत 19 दिसंबर को उनके पास एक कॉल आया. जोएस को बताया गया कि उनका बेटा फ्रांस के अस्पताल में भर्ती है.
बेटे के जिंदा होने की जानकरी मिलने के बाद जोएस भी विश्वास नहीं कर पाईं, उन्होंने कहा- मुझे लगता था कि मेरा बेटा मर गया है. अब तो कोरोना महामारी भी गुजर गई थी.' लेकिन जब यह कॉल आई तो जोएस सन्न रह गईं और पूरे दिन रोती रहीं.
जोएस ने कहा कि बेटे के जिंदा होने की सूचना मिलना उनके लिए 'क्रिसमस गिफ्ट' की तरह है. वहीं, जून में जोएस के पति की मौत हो गई थी.
अचानक गायब हुआ था युवक
जोएस ने बताया कि एक वक्त में बेटा, पेरिस में खराब जीवन व्यतीत कर रहा था. इसके बाद जोएस ने बेटे के गुमशुदा होने की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी. फिर जोएस के पास फ्रेंच कॉन्सुलेट से कॉल आया और उन्हें बताया गया कि उनका बेटा अस्पताल में है. जोएस जब पति के साथ बेटे को देखने के लिए पहुंचीं तो वह उन्हें नहीं मिला.
जोएस कहती हैं कि तब उनके पास एक पत्र आया और बताया गया था कि उनका बेटा अस्पताल में है. लेकिन, उसके बाद से वह गायब हो गया. बेटे को ढूंढने की तब भी कई कोशिश की गईं लेकिन वह नहीं मिला.
अब इतने साल के बाद मां जोएस को अपने बेटे निकोलस के जिंदा होने की जानकारी ब्रिटिश कॉन्सुलेट के माध्यम से मिली. जोएस ने बेटे से फोन पर बात भी की और पूछा कि क्या तुम घर आओगे, इस पर बेटे ने सहमति दे दी. जोएस ने कहा कि फोन पर बात करते हुए वह हेल्दी लग रहा था.
जोएस ने कहा कि वह अब यह सोच रही हैं कि इतने साल उनका बेटा कैसे रहा होगा. वह बस यही चाहती हैं कि बेटे की वापसी हो जाए.
इस मामले में फॉरेन, कॉमनवेल्थ एंड डेवलपमेंट ऑफिस के प्रवक्ता ने कहा कि हम फ्रांस में मौजूद ब्रिटिश शख्स के परिवार की पूरी मदद कर रहे हैं.