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'पापा की दुकान बंद नहीं होने दूंगा', रोल बेचते मासूम ने सुनाई दर्दभरी कहानी, मदद कर रहे लोग

जसप्रीत ने अपने पिता की आखिरी निशानी को जिंदा रखने का संकल्प लिया है. अब दूर-दूर से लोग उससे मिलने आ रहे हैं. उसके लिए मदद के कई हाथ भी उठे हैं. वो रोल बेचकर परिवार का गुजारा करता है.

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अपने पिता की दुकान चलाता है जसप्रीत (तस्वीर- YouTube/Mr. Singh food hunter)
अपने पिता की दुकान चलाता है जसप्रीत (तस्वीर- YouTube/Mr. Singh food hunter)

रोल बनाता ये 10 साल का बच्चा सोशल मीडिया पर जबरदस्त तरीके से वायरल है. इस बच्चे की कहानी जैसे ही सामने आई, न सिर्फ सोशल मीडिया पर बल्कि तमाम लोग उससे मिलने और उसे सपोर्ट करने के लिए दिल्ली के तिलक नगर पहुंचने लगे. 10 साल के इस बच्चे का नाम जसप्रीत है. जसप्रीत जिस ठेले पर खड़ा होकर रोल बेचता है, असल में इस ठेले की शुरुआत उसके पिता ने की थी लेकिन लगभग डेढ़ महीने पहले TB की वजह से उनकी मौत हो गई. तब से जसप्रीत ने पिता की आखिरी निशानी को जिंदा रखने का संकल्प ले लिया. वो कहता है, ‘ये मेरे पापा की दुकान है, इसे कभी बंद नहीं होने दूंगा.’ दूर-दूर से लोग उससे मिलने आ रहे हैं.

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‘बहन की जिम्मेदारी थी, इसलिए शुरुआत की’

जसप्रीत बताता है कि पिता की मौत के तुरंत बाद उसकी मां दोनों बच्चों को छोड़कर चली गई थी. जसप्रीत और उसकी बहन फिलहाल अपनी बुआ के पास रहते हैं, लेकिन जसप्रीत कहता है कि पापा के जाने के बाद बहन की सारी जिम्मेदारी मेरे ऊपर ही है. मैं अपनी जिम्मेदारी को समझता हूं इसलिए मैंने पापा की दुकान पर काम करना शुरू कर दिया. हालांकि जसप्रीत की बहन उससे चार साल बड़ी है और 8वीं क्लास में पढ़ती है लेकिन जसप्रीत कहता है कि अपनी बहन के लिए मैं सब कुछ करूंगा. जसप्रीत की बहन तरणप्रीत बताती है कि जसप्रीत बहुत मेहनत करता है मुझसे भी ज्यादा.

‘पापा का सपना था कि पुलिस अफसर बनूं’

जसप्रीत कहता है कि पापा हम दोनों भाई बहन के लिए बहुत बड़े-बड़े सपने देखते थे. पापा का सपना था कि मैं बड़ा होकर एक पुलिस ऑफिसर बनूं और बहन टीचर बने. मैंने ये तय किया है कुछ भी हो जाए मैं पापा का सपना जरूर पूरा करूंगा. बहन को टीचर बनाऊंगा और खुद भी पुलिस अफसर बनकर रहूंगा. जसप्रीत ने गुड न्यूज टूडे से कहा कि वो एक दिन अपने पिता का सपना जरूर पूरा करेगा.

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‘किसी के सामने हाथ नहीं फैलाना चाहता था’

जसप्रीत और उसकी बहन अपनी बुआ के पास रहते हैं. उसकी बुआ सुमन प्रीत कौर बताती हैं कि हम कभी नहीं चाहते थे कि जसप्रीत काम करे लेकिन ये जसप्रीत की ही जिद थी कि वो अपने पिता की दुकान को आगे बढ़ाए. वो कहती हैं कि जसप्रीत कभी भी अपने पापा की दुकान को बंद करना नहीं चाहता था. वो रोज सुबह 7 बजे उठता है. 3 बजे स्कूल से लौटकर आता है. फिर ट्यूशन जाता है और फिर ट्यूशन से लौट कर दुकान पर पहुंचता है. स्कूल से आने के तुरंत बाद वो अपना होमवर्क और पढ़ाई पूरी कर लेता है. जसप्रीत की मेहनत देखकर हम सब भी दंग रह जाते हैं.

‘आनंद महिंद्रा और सोनू सूद ने किया ट्वीट’

जसप्रीत की कहानी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है. आनंद महिंद्रा और सोनू सूद ने भी जसप्रीत की कहानी को ट्वीट किया है और उसकी पढ़ाई लिखाई का पूरा खर्च उठाने का ऑफर दिया है. इलाके के कई स्थानीय नेता भी सामने आए. बीजेपी नेता राजीव बब्बर ने जसप्रीत और उसकी बहन का एडमिशन प्राइवेट स्कूल में करवाने का आश्वासन दिया है. जसप्रीत के लिए अब मदद के हाथों की कमी नहीं है.

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