जापान (Japan) के 38 वर्षीय शोजी मोरीमोटो (Shoji Morimoto) बेहद अनोखी जॉब (Weird Job) करते हैं. दरअसल, वह लोगों के साथ किराये पर जाते हैं. शोजी खुद को किराये (Rent) पर देते हैं. जी हां, सुनने में भले ही ये बात अटपटी लगी लेकिन सच्चाई यही कि शोजी मोरीमोटो ऐसा करके लाखों रुपये कमाते हैं. आइए जानते हैं कैसे...
रिपोर्ट के मुताबिक, शोजी मोरीमोटो जापान के टोक्यो में रहते हैं. अनजान लोग उन्हें किराये पर लेकर जाते हैं और उनके साथ समय बिताते हैं. दिलचस्प बात ये है कि शोजी मोरीमोटो कोई काम नहीं करते हैं. लेकिन एक क्लाइंट से वे 10,000 येन (करीब 7000 रुपये) वसूलते हैं. इसके अलावा ट्रैवल और खाने का खर्च अलग से चार्ज करते हैं. अबतक 3,000 से अधिक लोगों को वो यह सर्विस दे चुके हैं. रोजाना दो से तीन लोग उन्हें रेंट पर ले जाते हैं. अब तक वे कई लाख रुपये कमा चुके हैं.
किसलिए रेंट पर ले जाते हैं साथ?
बहुत से लोग शोजी को इसलिए रेंट पर लेते हैं, क्योंकि वो बोर हो रहे होते हैं या फिर अकेलेपन का शिकार होते हैं. शोजी लोगों के साथ बैठते हैं, थोड़ी बातें करते हैं, थोड़ा रिस्पॉन्स देते हैं और लंच/डिनर कर लौट आते हैं.
最高の仕事始めだったな pic.twitter.com/2IzIOOTlR0
— レンタルなんもしない人 (@morimotoshoji) January 3, 2022
ज्यादातर ऐसे लोग शोजी से मिलते हैं, जिन्हें कोई सुनने वाला चाहिए होता है. जैसे तलाकशुदा लोग, हेल्थ इश्यू से परेशान लोग या अन्य दिक्कतों से परेशान लोग. एक शख्स ने तो शोजी को ये तक बता दिया कि उसने मर्डर भी किया है. CBS News से बात करते हुए शोजी कहते हैं कि कुछ लोग उनसे घर की सफाई, कपड़ों की धुलाई, न्यूड पोज या दोस्त बनने के लिए कहते हैं. हालांकि, ऐसे काम शोजी बिल्कुल भी नहीं करते. यानी वे बिल्कुल प्रोफेशनल की तरह ही लोगों के साथ रहते हैं और दोस्त बनने से साफ मना कर देते हैं. शोजी का कहना है कि वह खुद से बातचीत शुरू भी नहीं करते.
बेरोजगारी मिटाने को 2018 में शुरू किया ये काम
बकौल शोजी 2018 में जब वो बेरोजगार था तब इस 'असामान्य जॉब' की शुरुआत की थी. अपनी सेवाओं का विज्ञापन करने के लिए "डू नथिंग रेंट-ए-मैन" (Do Nothing Rent-a-Man) नामक एक ट्विटर अकाउंट (@morimotoshoji) ओपन किया, जिसपर अब 200,000 से अधिक फॉलोअर्स हैं.
शोजी कहते हैं कि मैं लोगों के अकेलेपन और उनकी भावनाओं को समझ सकता हूं, शायद इसीलिए लोग मुझे बुलाते हैं.
गौरतलब है कि जापान की सरकार देशवासियों के बीच अकेलेपन और सोशल आइसोलेशन की समस्या को हल करने की कोशिश कर रही है. 2020 में, जापान ने आत्महत्या की बढ़ती दर पर चिंता जाहिर करते हुए इससे निपटने के लिए Ministry of Loneliness भी बनाया था.