तीनों कृषि कानूनों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वापस ले लिया है. दिल्ली की अलग-अलग सीमा पर चल रहे किसान आंदोलन के एक साल पूरे होने से पहले यह फैसला लिया गया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऐलान के बाद सोशल मीडिया में रिएक्शन की बाढ़ आ गई है. कोई इस फैसले को चुनाव से जोड़कर देख रहा है तो कोई इसे मास्टरस्ट्रोक बता रहा है.
दरअसल, गुरू नानक देव के प्रकाश पर्व के मौके पर देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, 'किसानों के हित की बात हम कुछ किसानों को समझा नहीं पाए. शायद हमारी तपस्या में कमी रही. भले ही किसानों का एक वर्ग इसका विरोध कर रहा था. हमने कृषि कानूनों को वापस लेने का फैसला किया.'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस ऐलान के बाद सोशल मीडिया में रिएक्शन की बाढ़ आ गई. एक यूजर ने ट्विटर पर लिखा, 'उप चुनावों की हार ने मोदी जी को बहुत कुछ सीखा दिया, पहले पेट्रोल डीजल की कीमतें कम, अब तीनों किसान कानून वापिस लेने पड़े, झुकती है दुनिया झुकाने वाला चाहिए.'
भक्त कहते थे मोदी है नही झुकेगा ,
— Ravi Choudhary🇮🇳 (@RaviChoudhary__) November 19, 2021
'झुकती है दुनिया झुकाने वाला चाहिए'
यूपी चुनाव में हार देखते हुए तीनों कृषि क़ानून वापस लिए गए ।
शहीद किसानो को श्रधांजलि । 🙏#किसानआंदोलन
#KisanMajdoorEktaZindabaad#FarmLaws
हक की लड़ाई में
— Rofl Gandhi 2.0 🚜🏹 (@RoflGandhi_) November 19, 2021
दिल्ली के रास्ते के बैरियर
पानी और लाठियों की बौछार
आढ़ती, खालिस्तानी, अलगाववादी के टैग,
देशद्रोह के केस,
CM, मंत्रियों के भड़काऊ बयान,
करनाल, अंबाला, हिसार, लखीमपुर में सरकारी जुल्म
700 शहादत और लाखों किसान एक साल से बेघर। #FarmLaws #NeverForget
वहीं, एक यूजर ने लिखा, 'कृषि आंदोलन में शहीद हुए 700 से ज्यादा किसानों को नमन, आपकी कुर्बानी व्यर्थ नहीं गई, मोदी को आखिरकार झुकना ही पड़ा, किसान एकता जिंदाबाद! इंकलाब जिंदाबाद!'
The government has decided to repeal all the three Farm Laws: PM
— Pradeep Singh (@Pradeep16930865) November 19, 2021
Modi#FarmLaws#NarendraModi pic.twitter.com/UWC8wOxxDU
#FarmLaws_InjusticeByModi #FarmersProtest #किसानआंदोलन
— White Dwarf 🇮🇳 (@mayoneeeeezzzz) November 19, 2021
#farmlaws are taken back
Farmers right now: pic.twitter.com/3SulXVO646
Farm Laws repealed
— Harish Jakhar (@iharishjakhar) November 19, 2021
Bhakts Who Always Say Farm Laws Never Repeated : #FarmLaws #FarmersProtest pic.twitter.com/DrBD6GRVp2
वहीं एक यूजर ने ट्विटर पर लिखा, 'एक अभिमानी ,अहंकारी ,घमंडी और 700 किसानों की हत्यारी सरकार को आखिर किसानो की अहिंसक आंदोलन के आगे झुकना ही पड़ा लेकिन यह आधी जीत है जबतक एमएसपी की क़ानूनी गारंटी नहीं मिल जाती झुकते सभी हैं झुकाने वाला होना चाहिए हमारा किसान जिंदाबाद #FarmLaws.'
Bhakts rn: included me #farmlaws pic.twitter.com/2A3L4rEO8R
— Kajal Singh🇮🇳 (@Kajalsingh_02) November 19, 2021
"First they ignore you, then they laugh at you, then they fight you, and then you win."
— Kamal Sangwan (@ikamalsangwan) November 19, 2021
Either we will win or die ✊
Jai Shree Kisan 🚜🐄🌾#FarmersProtest #FarmLaws pic.twitter.com/Z0RWc3UNLw
गुरूर कैसा भी हो टूटता जरूर है,
— Ashish Dhyani 🇮🇳 (@IAshishDhyani) November 19, 2021
ये न्याय की जीत है
ये जनता की जीत है
ये निरंकुश तंत्र के खिलाफ एकजुट किसानों की जीत है।
ये लोकतंत्र की जीत है।#farmlaws pic.twitter.com/E6hTXGTmBt
हालांकि, कई लोग तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने का विरोध भी कर रहे हैं. एक ट्विटर यूजर ने लिखा, 'यह बहुत ही दुःखद है कि कुछ सिरफिरों के बहकावे में आकर आपने नये कृषि कानून रद्द कर दिये है, इन कृषि कानून का महत्व नौकरी के लिए दूसरे शहर में बस गये लोगों को मालूम था जो खेती के लिए समय से घर नहीं आ पाते थे.'
कृषि कानूनों को वापस लेना सिर्फ एक खराब निर्णय ही नही अपितु शर्मनाक भी है।
— Harsh Pal (@HarshPal_) November 19, 2021
देश के छोटे व गरीब किसानो के लिये आज काला दिन है।#FarmersProtest #farmlaws
Yeh humara Modi nahi hain. #farmlaws pic.twitter.com/LKW8SHKgBc
— Dark Fellow (@narfault) November 19, 2021
वहीं एक ट्विटर यूजर ने लिखा, 'ये बिल्कुल गलत हो रहा है,इस बिल से लाखों किसानों की आकांक्षा जुड़ी हुई है, और कुछ बिचोलियों के दबाब में आकर कृषि कानून को वापस लेना ठीक नहीं है, और जो लोग एमएसपी की गारंटी मांग रहे हैं वह पिछले 75 साल से कहां थे?'