आपने धर्म और अश्लीलता की आड़ में काले कारनामे करने वाले तमाम लोगों की कहानी देखी, सुनी होगी. एक ऐसी ही कहानी इस वक्त काफी चर्चा में है. आप पूल में 14 महिलाओं के साथ अय्याशी करते इस शख्स की तस्वीर को यहां देख सकते हैं. मगर क्या इसके पीछे की कहानी आपको पता है? नहीं! महिलाओं के बीच दिख रहे इस अकेले शख्स को एक समय पर भगवान तक माना जाता था.
जब इसकी कहानी की परतें खुलनी शुरू हुईं, तो कई और तस्वीरें भी सामने आईं, इनमें सफेद कपड़े पहने बेहद कम उम्र की लड़कियां थीं, ज्यादातर गर्भवती. फिर कुछ युवक भी नजर आए. सभी एक बुजुर्ग आदमी को 'फादर यॉड' बोलकर पुकार रहे थे. वही आदमी जो पूल में नहा रहा था. ये एक रेस्टोरेंट के भीतर का नजारा था. जल्द ही यहां बड़े बड़े फिल्मी सितारों का आना जाना होने लगा.
रहस्यों से भरी हुई थी जगह
ये जगह तमाम रहस्यों से भरी हुई थी. इतिहास की चौखट पर जब हम एक के बाद एक कदम आगे बढ़ाते गए, तो करीब 140 लोग 3 कमरों में ठूंसे हुए मिले. फिर एक दिन खबर आई कि इन लोगों के फादर यॉड ने 1300 फीट की ऊंचाई से सीधा जमीन पर गिरकर आत्महत्या कर ली है.
मरने का ये तरीका भी अपने पीछे कई सवाल छोड़ गया. वो हैंड ग्लाइडिंग करने गया था. जिसके बाद द सोर्स फैमिली नाम के 140 लोगों के इस ग्रुप ने अमेरिका के कैलिफोर्निया के घर को खाली कर दिया, सब तितर-बितर हो गए.
लेकिन जब दुनिया को पता चला कि ये लोग रेस्टोरेंट की आड़ में आखिर क्या कर रहे थे, तो सभी के होश उड़ गए. यहां सफेद कपड़े पहने लड़कियों को कहा जाता था कि बुड्ढों से शादी करो. इन्हें जानबूझकर गर्भवती किया गया, ताकि पुलिस की नजरों से बचा जा सके. केवल इतना ही नहीं, इस जगह पर तांत्रिक सेक्स होता था. साथ ही रॉक एल्बम्स की रिकॉर्डिंग हुआ करती थी.
एक बड़ा खुलासा ये हुआ कि फादर यॉड एक फाइटर पायलट था, जो दूसरे विश्व युद्ध में जापान के 13 विमान गिरा चुका था. लेकिन उसने जो कुछ भी आगे किया उसने सबके पैरों के नीचे से जमीन खींच ली. उसने धर्म और अश्लीलता को मिक्स कर वो सब किया, जिसे जानकर यकीन कर पाना मुश्किल हो रहा था.
चलिए वक्त के पीछे 1969 में चलते हैं...
इस फिल्मी कहानी की शुरुआत होती है साल 1969 से. ये वो वक्त था, जब अमेरिका के लॉस एंजेलिस की सन्सेट स्ट्रिप पर एक वेजिटेरियल रेस्टोरेंट खोला गया. यहां ऑर्गेनिक खाना मिलता था.
खाना परोसने का काम सफेद कपड़ों वाली लड़कियां करती थीं. यहां ये लोग एक परिवार की तरह रहते थे और पेट पालने के लिए रेस्टोरेंट ही एकमात्र सहारा था. इससे महीने की $300,000 (करीब 2.45 करोड़ रुपये) की कमाई होने लगी.
ये 140 लोग फादर यॉड के अनुयायी (फॉलोअर्स) थे. सभी अलग-अलग जगहों से अपने घर परिवार छोड़कर यहां रहने आए थे. इस कहानी का सिर्फ एक नायक है, जो है फादर यॉड.
जिम बेकर से फादर यॉड तक का सफर
फादर यॉड का असली नाम जिम बेकर था. जिसे दूसरे विश्व युद्ध में अपनी बहादुरी के चलते सिल्वर मेडल से नवाजा गया. वो जुजित्सु (मार्शल आर्ट्स) में एक्सपर्ट था. उसे किसी को मारने के लिए हथियारों की जरूरत नहीं थी. हाथ ही काफी थे. उस पर 11 बैंक लूटने के आरोप लगे. उसे 1963 में दो लोगों की हत्या का दोषी ठहराया गया. लेकिन एक सैनिक से धार्मिक गुरु बनने और उसके अंत की कहानी बेहद दिलचस्प है.
युद्ध समाप्त होने के बाद जिम बेकर हॉलीवुड फिल्म टार्जन के लिए ऑडिशन देने गया, मगर फेल हो गया. इसके बाद उसने रेस्टोरेंट खोलने का फैसला लिया. सबसे पहले ओल्ड वर्ल्ड और अवेयर इन. नाम के दो रेस्टोरेंट खोले. ये बिजनेस खूब सफल हुआ. इसी दौरान उसकी मुलाकात धार्मिक गुरु योगी भजन से हुई. बस यहीं से जिम बेकर फादर यॉड बनने के सफर पर चल पड़ा.
योगी भजन का असल नाम हरभजन सिंह खालसा था. उनके अनुयायी उन्हें श्री सिंह साहिब भी कहा करते थे. योगी भजन एक भारतीय मूल के अमेरिकी उद्यमी, योग गुरु और आध्यात्मिक शिक्षक थे.
जिम ने खुद की धार्मिक फिलॉस्फी पैदा की. जिसमें फ्री लव, आध्यात्मिक सेक्स, सेहत पर केंद्रित जीवनशैली पर ध्यान देना और खूब गांजा पीना शामिल था. उसने खुद को फादर यॉड बताना शुरू किया और अपने अनुयायियों को इकट्ठा करने लगा. उसने पूरे ग्रुप को 'सोर्स फैमिली' नाम दिया. सब एक ही घर में रहने लगे.
पूरा ग्रुप मिलकर रेस्टोरेंट में काम करता था, जिससे इतनी कमाई हुई कि फादर यॉड ने Rolls-Royce कार तक खरीद ली. वो ऐशो आराम की जिंदगी जीने लगा. उसने अपना नाम YaHoWah रख लिया. वो शब्द जिसे हिब्रू के Yahwe से लिया गया था, यानी भगवान. वो लोगों को इसका जाप करना सिखाता.
अपने आप बढ़ते रहे अनुयायी
तीन कमरों के मकान में रहने वाली 16 साल की लड़कियां भी गर्भवती होने लगीं. जितने बच्चे पैदा हो रहे थे, उतने ही फादर यॉड के अनुयायी बढ़ रहे थे. इन 140 लोगों ने अपने सरनेम त्याग दिए. इसके बजाय सब लोग सरनेम के तौर पर Aquarian लिखने लगे. अपने नाम के स्थान पर लोटस, लवली, इक्सप्लोजन, सनफ्लावर जैसे नाम रखने शुरू कर दिए.
ये ग्रुप मिलकर ऑडियो कैसेट निकालने लगा, जिससे आसपास के लोगों को बेसुरी आवाजों के कारण दिक्कत होने लगी. ये अपनी फिलॉसफी संगीत के माध्यम से ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने की कोशिश थी.
फादर यॉड इस बैंड को लीड कर रहा था. कम से कम 60 एल्बम रिकॉर्ड की गईं. ग्रुप खुद ही अपने संगीत को पब्लिश कर रहा था. जब पड़ोसियों को दिक्कत होने लगी, तो इन्हें अपना घर छोड़कर दूसरी जगह जाना पड़ा.
अपराधों को छिपाने की कोशिश
घर छोड़कर जाने के पीछे की एक वजह पुलिस भी थी. जो आए दिन यहां आया करती थी. पुलिस को शिकायत मिलीं कि बेहद कम उम्र की लड़कियां इस घर में रह रही हैं. वो गर्भवती भी हो रही हैं.
इससे बचने के लिए फादर यॉड ने इन लड़कियों से कहा कि वो ग्रुप में शामिल पुरुष सदस्यों से शादी कर लें. ताकि वो पुलिस की पहुंच से बच सकें. साथ ही इन लड़कियों के माता-पिता को भी दखल देने से रोका जा सके.
फादर यॉड की कई पत्नियां
फादर यॉड ने अपनी अय्याशी के लिए कई महिलाओं के साथ शादी कर ली. उसने अपनी पहली पत्नी को धोखा दिया. इस पत्नी ने बाद में आरोप लगाया था कि वह वासना के चलते कम उम्र की महिलाओं के साथ रह रहा है. उसकी शिकायतें भी जायज थीं. ग्रुप के अंदर ही लड़कियों के साथ गलत हो रहा था.
एक 16 साल की लड़की को बुजुर्ग फादर यॉड ने अपनी पत्नी बना लिया. बाद में फिर उसी लड़की की शादी ग्रुप के किसी और लड़के से कर दी. ये लड़की 1972 में इस ग्रुप से जुड़ी थी. उसका कहना है कि ग्रुप में उसके साथ बहुत कुछ हुआ लेकिन अनुभव पॉजिटिव रहा.
ऐसा कहा जाता है कि इन 14 पत्नियों में से एक ही कानूनन पत्नी थी. बाकी सबको वो अपनी 'आध्यात्मिक पत्नियां' बताता था.
अजीब तरीके से किया सुसाइड
फादर यॉड पूरे ग्रुप को लेकर हवाई रहने चला गया. एक दिन 1975 में उसने घोषणा करते हुए कहा कि वह हैंड ग्लाइडिंग करने जा रहा है. उसे इसका बिलकुल भी अनुभव नहीं था.
उसने ग्लाइडर के साथ 1300 फीट की ऊंचाई पर मौजूद चट्टान से छलांग लगा दी और सीधा जमीन पर आकर गिरा. जिससे उसकी मौत हो गई. कई रिपोर्ट्स में ये बात कही गई कि ये कोई हादसा नहीं बल्कि सुसाइड था.
जॉन हॉपकिन्स न्यूजलेटर के अनुसार, फादर यॉड को खुद पर विश्वास की कमी होने लगी थी. उसने अपने एक अनुयायी से इतना तक कह दिया कि वह कोई भगवान नहीं है.
साल 2012 में आई एक डॉक्यूमेंट्री में ग्रुप के पूर्व सदस्य ने कहा कि फादर यॉड ने हादसे से करीब एक महीने पहले ग्रुप को 'शरीर त्यागने' के अपने इरादे के बारे में बताया था, लेकिन किसी को उम्मीद नहीं थी कि ऐसे शरीर त्यागा जाएगा. फादर यॉड की मौत के बाद पूरा ग्रुप बिखरना शुरू हो गया.
फिर 1978 में आखिरकार ये पूरी तरह बिखर चुका था. अब फादर यॉड के जीवन पर एक टीवी सीरीज आ रही है. इसी वजह से ये शख्स एक बार फिर चर्चा में है.