शारीरिक संबंध होना पूरी दुनिया के अस्तित्व के लिए आवश्यक है. यह मानव और पशु सभी की आवश्यकता है. जैसे-जैसे मानव जीवन का तरीका बदला, उसने अपनी हर जरूरत की चीज के लिए कोई न कोई मशीन या तकनीक का आविष्कार कर लिया. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या इंसानी रिश्तों की इस बनावट पर आने वाले भविष्य में तकनीक का कब्जा होगा. क्या ह्यूमनॉइड रोबोट रोमांटिक रिश्तों, मानवीय भावनाओं या पति-पत्नी की भूमिका निभा सकते हैं?
भविष्य में दुनिया में रिश्तों को लेकर बदलाव आएंगे
इन्हीं सब सवालों को लेकर विदेशी अखबार मिरर ने एक रिपोर्ट प्रकाशित की, जिसमें कुछ अध्ययन की मदद से यह समझाया गया कि ऐसा संभव है या नहीं? अध्ययन के अनुसार, आने वाले 30 वर्षों में दुनिया में रिश्तों को लेकर कई बदलाव आएंगे. रोबोट दिखने, कार्य और व्यक्तित्व में इतने मानव जैसे हो जाएंगे कि लोग उनसे प्यार करने लगेंगे और उनके साथ आत्मिक और शारीरिक संबंध बनाने में भी हिचकिचाएंगे नहीं.
क्या भविष्य में वे पति या पत्नी की भूमिका भी निभा सकते हैं?
अटलांटा के जॉर्जिया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में रोबोटिस्ट रोनाल्ड आर्किन का अनुमान है कि 2050 तक मानव-रोबोट का रिश्ता पूरी तरह से सामान्य हो जाएगा. ये रोबोट हमारे सहकर्मी बनेंगे और शायद महिलाएं या पुरुष रोबोट के साथ विवाह की शुरुआत भी हो जाए. यदि ह्यूमनॉइड एआई रोबोट कृषि, उद्योग, पशुपालन, निर्माण, होटलों और रेस्टोरेंटों में खाना बनाने और परोसने, घरेलू कामकाज, बच्चों की देखभाल और मनोरंजन जैसे कार्य कर सकते हैं, तो क्या भविष्य में वे पति या पत्नी की भूमिका भी निभा सकते हैं?
रोबोट शारीरिक सुख दे सकता है लेकिन परिवारिक सुख?
हालांकि समाजशास्त्री रोबोट की इंसानी रिश्तों में पैठ बनाने की भविष्यवाणी से सहमत नहीं हैं. उनके मुताबिक मशीन कभी मानवीय नहीं हो सकती. इंसानी रिश्ते के बुनियाद ही आत्मीयता है. जिसके बाद ही इंसानी रिश्ते की इमारत खड़ी हो पाती है. परिवार में पति-पत्नी, बच्चों के साथ जो आत्मीयता होती है वो रोबोट से कहां आएगी? और ये भी संभव नहीं की आने वाले सालों में इंसान का ये गुण खत्म हो जाए. जिनकी शादी नहीं हुई रोबोट भले ही उनका जीवन कुछ आसान कर सकता है. रोबोट शारीरिक सुख भी दे सकता है लेकिन परिवारिक सुख शायद ही दे पाए.