दुनिया में तमाम मुल्क ऐसे हैं जहां ड्रग्स को लेकर नियम बेहद सख्त हैं. ऐसे देशों में अगर कोई व्यक्ति नशीली दवाओं का कारोबार करते हुए पकड़ा जाता है. तो उसे सजा के रूप में ऐसी जेलों में डाला जाता है, जहां मिलने वाली यातनाएं इंसान को बिल्कुल तोड़ कर रख देती हैं.
इन जेलों में कैदियों के साथ कैसा सलूक किया जाता है अगर इसे समझना हो तो हम एक मैक्सिकन ड्रग माफिया का रुख कर सकते हैं जिसे एक जज द्वारा विशेष सुरक्षा प्रदान की गई है.
इस ड्रग माफिया ने दावा किया था कि जेल में रहते हुए वह 'क्रूर और अमानवीय व्यवहार' का शिकार हुआ है.
57 वर्षीय सर्वांडो गोमेज़, जिसे 'ला टुटा' (द टीचर) के नाम से भी जाना जाता है, ने बीते दिनों मैक्सिको सिटी की एक जिला अदालत में शिकायत की कि उसे जेल द्वारा लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है.
ज्ञात हो कि मैक्सिको के नाइट्स टेम्पलर गिरोह के मुखिया, गोमेज़ को मैक्सिकन अधिकारियों ने फरवरी 2015 में पकड़ा था. बताया ये भी जाता है कि उसे सीधे उच्च सुरक्षा वाली 'एल अल्टिप्लानो' जेल में ले जाया गया.
इस जेल के बारे में रोचक तथ्य ये है कि, इस जेल में आने वाले कैदियों के साथ कुछ ऐसा सुलूक होता है कि उनकी भी दुआ यही रहती है कि उन्हें मौत आ जाए.
सर्वांडो गोमेज़ ने जेल के अधिकारियों पर 'भोजन न देने, अलगाव और गंभीर यातना' का आरोप लगाया था.
मामले के मद्देनजर इन्फोबे की रिपोर्ट पर नजर डालें तो मिलता है कि, मामले की देखरेख करने वाले न्यायाधीश ने फैसला सुनाया कि गोमेज़ की बातों की सत्यता जांचने के उद्देश्य से 'एल अल्टिप्लानो' में किसी को तैनात किया जाना चाहिए.
क्यों 'एल अल्टिप्लानो' उड़ा देती है अपराधियों के होश?
'एल अल्टिप्लानो' के विषय में बताया यही जाता है कि यहां पर कई मीटर-मोटी दीवारें हैं और इसके बाहर हवाई क्षेत्र प्रतिबंधित है. कोई भी हमला हो, उससे बचाने के लिए हर वक़्त यहां अत्याधुनिक हथियारों से लैस सुरक्षा कर्मी खड़े रहते हैं.
यूं तो इस हाई-सिक्योरिटी स्लैमर को 2015 तक अभेद्य माना जाता था लेकिन 'एल चैपो गुज़मैन' नाम का एक कैदी सुरंग के माध्यम से यहां से भागने में कामयाब हुआ था.
तब से इसकी सुरक्षा और बढ़ा दी गयी है और आज यहां परिंदा भी पर नहीं मार सकता है.
गौरतलब है कि मादक पदार्थों की तस्करी में प्रवेश करने से पहले गोमेज़ एक शिक्षक और किसान था, जिसे 'ला टुटा' उपनाम उसके साथियों ने दिया था. गोमेज़ को लेकर एक जांच भी हुई थी जिसमें ये पता चलता है कि ये मैक्सिको के एक बेहद खतरनाक गिरोह फैमिलिया मिचोआकाना का हिस्सा था.
गोमेज़ जिस लेवल का अपराधी था उसे पकड़ना स्थानीय पुलिस के लिए भी आसान नहीं था. 2015 में इसकी गिरफ्तरी से पहले सिर्फ इसकी जानकारी जुटाने और गतिविधियों पर नजर रखने के उद्देश्य से पुलिस ने कई महीने बिताए थे.
बताया जा रहा है जिस वक़्त गोमेज़ को गिरफ्तार किया गया उस वक़्त ग्रेनेड लॉन्चर सहित कई हथियार भी पुलिस ने अपने कब्जे में लिए थे.
तब ट्विटर (वर्तमान में X) पर, पूर्व मैक्सिकन राष्ट्रपति एनरिक पेना नीटो ने घोषणा की थी कि इस गिरफ्तारी ने कानून के शासन को मजबूत किया है.
बताते चलें कि दिसंबर 2022 में, उसे स्वास्थ्य के खिलाफ अपराध और संगठित अपराध के लिए 47 साल जेल की सजा सुनाई गई थी.