रांची एयरपोर्ट (Ranchi Airport) पर एक दिव्यांग किशोर के साथ भेदभाव का मामला सामने आया. जिसके बाद नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी एक्शन में नजर आए. उन्होंने शिकायती ट्वीट का संज्ञान लिया और कहा कि वह खुद इस मामले की जांच कर रहे हैं. जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी.
वहीं, ये मामला फेसबुक और ट्विटर पर भी कई यूजर्स ने शेयर किया है. आरोप है कि किशोर को इंडिगो स्टाफ ने फ्लाइट में चढ़ने ही नहीं दिया. बच्चे को अन्य यात्रियों के लिए कथित तौर पर खतरा बताया गया. फ्लाइट रांची से हैदराबाद जा रही थी. ट्वीट के मुताबिक- ये पूरा माजरा एयरपोर्ट पर करीब 45 मिनट तक चला.
दरअसल, अभिनंदन मिश्रा नाम के ट्विटर यूजर ने 8 मई को एक ट्वीट किया, अपने ट्वीट में उन्होंने लिखा था- 'कल इंडिगो स्टाफ ने रांची एयरपोर्ट पर ऐसा किया, इंडिगो आपको शर्म आनी चाहिए'. इस ट्वीट में उन्होंने ज्योतिरादित्य सिंधिया, नागर विमानन महानिदेशालय, और पीएमओ को टैग किया था. अपने ट्वीट में अभिनंदन ने ये भी लिखा था कि इस मामले में कठोर से कठोर एक्शन लिए जाने की जरूरत है.
इंडिगो की आई सफाई
ट्वीट में यूजर ने विस्तार से पूरा मामला बताया है. वहीं इस मामले में इंडिगो ने खेद व्यक्त किया.
शिकायत के मुताबिक, जिस दिव्यांग किशोर को रांची एयरपोर्ट पर इंडिगो के कर्मचारियों के कथित अभ्रद व्यवहार का सामना करना पड़ा. वह अपने माता-पिता के साथ कार से एयरपोर्ट पहुंचा था. कार से उतरने के बाद उसने अपने माता-पिता के साथ सुरक्षा जांच करवाई. ट्वीट के मुताबिक- वह भूखा-प्यासा लग रहा था, उलझन में और घबराया हुआ भी था.
यह सब देख इंडिगो के तीन कर्मचारी आए और उन्होंने कहा कि अगर वो (किशोर) नॉर्मल नहीं हुआ, तो उसे फ्लाइट में नहीं चढ़ने दिया जाएगा. इसके बाद मां ने किशोर को जूस पिलाया, दवाइयां दीं, इसके बाद वह नॉर्मल हुआ. जब तक फ्लाइट का समय होता, तब तक इस किशोर ने खाना भी खा लिया था.
लेकिन फिर इंडिगो के स्टाफ ने कह दिया कि वह बच्चे को फ्लाइट में चढ़ने की इजाजत नहीं दे सकते हैं क्योंकि ये दूसरे यात्रियों के लिए रिस्क होगा.
कहा जा रहा है कि इस दौरान दूसरे यात्री भी इकट्ठे हो गए और उन्होंने कहा कि उन्हें किशोर से कोई दिक्कत नहीं है. आरोप है कि इंडिगो का मैनेजर लगातार यही चिल्ला रहा था कि ये बच्चा नियंत्रण से बाहर है और वह पैनिक की स्थिति में है.
ट्वीट करने वाल अभिनंदन के मुताबिक, ये किशोर बहुत आराम से अपनी व्हीलचेयर पर बैठा हुआ था. इस दौरान दूसरे यात्रियों ने भी लगातर इंडिगो के स्टाफ से जिरह करते हुए कहा कि बच्चे का ट्रैवल करने का पूर्ण अधिकार है. लेकिन इंडिगो का स्टाफ कुछ भी सुनने को तैयार नहीं था.
यूजर के मुताबिक बच्चा, उसके मां-बाप वहीं रहे गए. सिक्योरिटी गार्ड ने भी बोर्डिंग गेट बंद कर दिया.
एयरपोर्ट डायरेक्टर KLअग्रवाल की आजतक से बातचीत
एयरपोर्ट डायरेक्टर KLअग्रवाल ने आजतक को फ़ोन पे बताया कि ये पैसेंजर और एयरलाइन का मामला है, लेकिन उन्हें जो जानकारी मिली, वह यह कि बच्चा पैनिक था और कन्विंस करने के बावजूद शांत नही हो रहा था. बोर्डिंग गेट से पहले उसके मां को गुस्सा आया और उसने बच्चे की पिटाई कर दी. इसके बाद एयरलाइन ने बच्चे को उस दिन नही भेजने का फैसला लिया. हालांकि फिर रविवार को परिवर को उनके डेस्टिनेशन भेज दिया गया.
यूजर्स ने दिए ऐसे रिएक्शन