
'कुत्ते बहुत हो गए हैं, कुत्ता पागल हो गया है पकड़वाना है, नाली की सफाई करानी है, बिल्ली मर गई है...' जयपुर के नगर निगम की वेबसाइट पर अब इस तरह के ऑप्शन दिखाई दे रहे हैं. लोग अपनी शिकायत दर्ज कराने के लिए इनमें से किसी भी ऑप्शन को सब्जेक्ट के तौर पर चुन सकते हैं. वेबसाइट पर हुए इस बदलाव को लोग काफी पसंद कर रहे हैं. अब शिकायत करने वाले लोगों के लिए ऐसा करना काफी आसान हो गया है. वो अपनी समस्या का आसानी से चुनाव कर सकते हैं.
शिकायत करने के दौरान लोगों को आने वाली समस्याओं को देखते हुए ये बदलाव किया गया है. फॉर्मल भाषा की जगह आम बोलचाल की भाषा का इस्तेमाल किया गया है. वेबसाइट को लेकर बाद में सोशल मीडिया पर चर्चा होने लगी. ऑप्शन जयपुर नगर निगम-ग्रेटर के शिकायत पोर्टल पर लिस्टेड हैं. कंप्लेन कैटेगरी का चुनाव करने के बाद यूजर को एक सब-कैटेगरी चुननी होगी, जिसमें कुछ प्रीसेट लिस्टेड होंगे. हिंदी में लिखे गए इन प्रीसेट में स्वच्छता से लेकर आवारा कुत्तों की समस्या जैसे नागरिक मुद्दों से संबंधित प्रश्न शामिल हैं.
सब-कैटेगरी सेक्शन में जो ऑप्शन हैं, उनमें ये भी शामिल हैं- 'नाली की सफाई करानी है, खाली प्लॉट में कूड़ा पड़ा है, सड़क पर गंदा पानी बह रहा है और बंदर मर गया है.' जयपुर के लोग देश के बाकी स्थानों के लोगों की तरह ही आवारा कुत्तों के खतरे से जुड़ी घटनाओं पर शिकायत करते रहे हैं. जयपुर नगर निगम- ग्रेटर के द्वारा की गई इस शुरुआत को इंटरनेट पर लोग खूब सराहना दे रहे हैं. कई सोशल मीडिया यूजर्स ने कहा कि ऐसे ऑप्शंस के कारण मुद्दों को समझना और रिपोर्ट करना आसान हो गया है. कई अन्य लोग इसे काफी मजाकिया मान रहे हैं.