तमिलनाडु के एक शख्स ने अपने पिता के चोरी हुए फोन और बैग को वापस पाने के लिए ऐसा रास्ता अपनाया, जिसके बाद से लोग उसकी तुलना जेम्स बॉन्ड से कर रहे हैं. इस शख्स ने सामान को वापस हासिल करने के लिए गूगल मैप का लोकेशन-शेयरिंग फीचर इस्तेमाल किया. इस शख्स का नाम राज भगत पी है. ये घटना तब हुई, जब राज भगत के पिता नागरकोइल काचीगुडा एक्सप्रेस से नागरकोइल से त्रिची तक ट्रेन से जा रहे थे. उनकी इस यात्रा के दौरान, एक व्यक्ति ने भीड़ का फायदा उठाया और उनका सामान चुरा लिया. वो फिर तिरुनेलवेली जंक्शन पर उतर गया. लेकिन राज भगत ने सामान की तलाश के लिए वो करना शुरू कर दिया, जिसे सोशल मीडिया पर लोग 'जेम्स बॉन्ड मूवी' बता रहे हैं.
वो कहते हैं, 'जब मेरे पिता को इसका एहसास हुआ, तो उन्होंने ट्रेन में तलाश शुरू की और अपने दोस्त के फोन से मुझे सुबह 3:51 बजे फोन किया और बताया कि उनका फोन चोरी हो गया है. हमारे परिवार के लोगों के फोन पर लोकेशन शेयरिंग ऑन रहता है. इसका मतलब था कि मैं मोबाइल की लोकेशन को ट्रैक कर सकता हूं. जब मैंने इसकी जांच की, तो मुझे पता चला कि मोबाइल तिरुनेलवेली में मेलापलायम के पास कहीं है. इसलिए मैंने अनुमान लगाया कि चोर दूसरी ट्रेन में नागरकोइल वापस लौट रहा होगा.'
बिना देरी किए राज भगत ने अपने दोस्त के साथ मिलकर स्थानीय पुलिस की मदद मांगी. वो चोर की रियल लोकेशन ट्रैक कर रहे थे. सभी लोग रेलवे स्टेशन पर आए और चोर की तलाश करने लगे. राज भगत ने कहा, 'मैंने अपने दोस्त से कहा कि लोकेशन सही है और चोर बस हमसे कुछ ही कदम दूर है. वो अन्ना बस स्टैंड पर रुका. इसके 2-3 मिनट बाद ही गूगल मैप से मुझे 2 मीटर दूर की लोकेशन मिली. चोर मेरे पीछे ही खड़ा था. मैंने उसके पास बैग देखा. बस स्टैंड पर लोगों की मदद से हमने चोर को पकड़ लिया. इसके बाद हमने उससे फोन और बैग वापस ले लिया.'