ज्यादा समय तक सोने के लिए एक छात्र पर 250 पाउंड्स का जुर्माना लगाया गया है. मामला ब्रिटेन के लीड्स का है.
डेली मेल के मुताबिक आर्किटेक्चर के छात्र थॉमस केल्चर की लेटलतीफी उन्हें उस समय बहुत भारी पड़ गई जब जज गाय कर्ल क्यूसी ने उन पर 250 पाउंड्स का जुर्माना लगा दिया. जज का कहना था उसके इस रवैए से टैक्स देने वालों को 1200 पाउंड का चूना लगा है.
दरअसल, विश्ववि़द्यालय का यह छात्र यौन शोषण के एक मामले में जूरी के सदस्यों में शमिल था और उसे सबके साथ मिलकर फैसला देना था. उसे लीड्स क्राउन कोर्ट में सुबह 10:30 बजे पुहंचना था, लेकिन वह 1 बजे से पहले नहीं पहुंच पाया.
छात्र ने जज को बताया कि उसके घर में बिजली चली गई थी और उसकी एलार्म घड़ी बंद हो गई. उसने कहा, 'मुझे पता है यह अच्छा बहाना नहीं है.'
जब जज ने उससे पूछा कि वो सोमवार रात कितने बजे सोने गया था तो उसने कहा, 'आधी रात'. इस पर गुस्साए जज ने कहा, 'यानी कि तुम लगातार साढ़े 12 घंटे तक सोते रहे.' छात्र ने हां में जवाब दिया.
एक तरफ छात्र सोता रहा और दूसरी तरफ जूरी के दूसरे सदस्य यौन शोषण के आरोपी शख्स को सजा देने के लिए उसका इंतजार करते रहे. जब तक छात्र कोर्ट पहुंचा फैसला हो चुका था और जूरी के सदस्य जा चुके थे.
जज का कहना था कि छात्र को पहले भी देरी से आने पर चेताया जा चुका था. जज ने कहा, 'यह दूसरी बार है जब तुम इतनी देर से आए हो. यह सिर्फ कोर्ट की अवमानना नहीं, बल्कि केस में शामिल हर किसी का अनादर है. ना सिर्फ आरोपी, बल्कि तुम्हारे साथी जूरी के सदस्य भी तुम्हारा इंतजार कर रहे थे.'
जज ने कहा कि छात्र को बुलाने के लिए पुलिस भी उसके घर गई थी, लेकिन वह तब तक कोर्ट के लिए निकल चुका था. इस तरह उसने जनता के पैसों को भी बर्बाद किया.
छात्र का कहना था कि वह अभी पढ़ता है और पार्ट टाइम जॉब भी कर रहा है, लेकिन उसके पास इतने पैसे नहीं है कि वो जुर्माना भर सके. इस पर जज ने उसे हर हफ्ते 10 पाउंड देने और 14 दिन जेल में गुजारने का आदेश दिया.