आम तौर पर अगर कोई छोटा बच्चा कहीं खो जाए तो माता पिता की हालत खराब हो जाती है. ऐसे हालातों में बच्चे का किसी गलत इंसान के हाथों में पड़ जाने का सबसे अधिक डर होता है. यानी अगर खो जाने की स्थिति में बच्चे ने किसी से मदद मांगी और उसने बच्चे को किडनैप कर लिया या कहीं बेच दिया तो? लेकिन हाल में जब एक 8 साल की चीनी बच्ची सड़क पर खो गई तो उसने परिवार तक पहुंचने के लिए ऐसी तेजी और सूझबूझ दिखाई कि लोग हैरान रह गए.
बच्ची खोई तो सीधे घुस गई एटीएम में
Zhejiang प्रांत के Quzhou में ये बच्ची अपने दादा के साथ डांस क्लास से लौट रही थी कि रास्ते में वह उनसे बिछड़ गई. न तो उसे दादा का और न ही घर में किसी और का फोन नंबर मालूम था. ऐसे में बच्ची ने किसी अजनबी से बात नहीं की बल्की सीधे पास के एटीएम में घुस गई. यहां मौजूद रेड बटन को उसने दबा दिया जिससे वह Quzhou Rural Commercial Bank के मॉनीटरिंग सेंटर से कनेक्ट हो गई. Zhou Dongying नाम की बैंक कर्मी ने बच्ची से इंटरकॉम पर पूछा- मैं आपकी क्या मदद कर सकती हूं? इसपर बच्ची ने बताया कि वह खो गई है. उसने बच्ची से दादा या किसी और परिवार के व्यक्ति का फोन नंबर मांगा लेकिन उसे कुछ याद नहीं था.
पुलिस को किया गया अलर्ट
ऐसे में Zhoa ने तुरंत पुलिस को अलर्ट किया तो पुलिस के पहुंचने तक लगातार कॉल पर बनी रही और बच्ची को शांत करने के लिए उससे बात करती रही.उसने बच्ची से एटीएम से बाहर न निकलने को कहा.जल्द ही पुलिस वहां पहुंची और बच्ची को उसके दादा के पास सौंपा गया जो इलाके में ही उसे ढूंढ रहे थे.
लड़की की तेजी की हो रही तारीफ
टाइड न्यूज़ के अनुसार, झेजियांग प्रांत के हांग्जो में कई स्थानीय एटीएम स्टेशनों में मशीन के बगल में दो प्रकार के इमरजेंसी हेल्प बटन होते हैं - एक 'इमरजेंसी कॉल' बटन और एक लाल 'इमरजेंसी अलार्म' बटन. बैंक ने कहा कि आपातकालीन कॉल बटन, लोगों को बैंक के निगरानी केंद्र से सीधे कनेक्ट होने में सक्षम बनाता है. दूसरी ओर, अलार्म बटन को एटीएम में आपात स्थिति के दौरान पुलिस को तुरंत सचेत करने के लिए डिज़ाइन किया गया है. मामला सामने आया तो लोग सोशल मीडिया पर लड़की की तेजी और बैंक स्टाफ झोउ की सूझबूझ की तारीफ करते नहीं थक रहे हैं.
हालांकि यह पहली बार था जब झोउ को ड्यूटी पर ऐसी स्थिति का सामना करना पड़ा. लेकिन ऐसे मामले पहले भी आए हैं .फरवरी 2021 में, मध्य चीन के हुबेई प्रांत का एक पांच वर्षीय लड़का अपनी मां से अलग हो गया. वह एक सुपरमार्केट और एक इमरजेंसी एटीएम बटन की मदद से परिवार को वापस मिला.