आज के समय में लोग कहीं भी आने जाने का रास्ता देखने के लिए गूगल मैप का इस्तेमाल करते हैं. हालांकि, कई बार इसपर कोई लंबा रूट दिखाए जाने के चलते लोग इसके काम के तरीके पर सवाल भी उठा देते हैं. पर क्या गूगल मैप की वजह से किसी की जान जा सकती है?
गूगल मैप के चलते मौत
दरअसल, नॉर्थ कैरोलीना की एक महिला ने अपने पति Philip Paxson की मौत के लिए गूगल मैप को जिम्मेदार ठहराया है और उसपर मुकदमा किया है. उनका दावा है कि फिलीप गूगल मैप को फॉलो करते हुए एक टूटे हुए पुल पर चला गया. उसकी कार नीचे जा गिरी और उसकी मौत हो गई.
5 साल से टूटा हुआ था पुल लेकिन...
उन्होंने कहा कि उन्हें मालूम हुआ है कि पुल पांच साल से टूटा हुआ था, लेकिन गूगल ने इसे अपने नेविगेशन सिस्टम में अपडेट ही नहीं किया था. मंगलवार को दायर एक मुकदमे के अनुसार, मेडिकल डिवाइस सेल्समैन और दो बच्चों के पिता की पिछले साल सितंबर में उत्तरी कैरोलिना के हिकोरी में स्नो क्रीक में जीप ग्लेडिएटर के गिरने के बाद पानी में डूबकर मौत हो गई थी. वह अपनी बेटी के नौवें जन्मदिन की पार्टी के लिए घर जा रहा था जब ये दुर्घटना हुई.
'बेटियां पूछती हैं कि पिता की मृत्यु कैसे हुई'
उनकी पत्नी एलिसिया पैक्सन ने कहा "मेरी बेटियां पूछती हैं कि उनके पिता की मृत्यु कैसे और क्यों हुई, और मेरे पास कोई जवाब नहीं होता क्योंकि जीपीएस जैसी चीजों के समझने लायक बड़ी नहीं हैं. जी पुलिस को पैक्सटन का शव उसके पलटे हुए और आंशिक रूप से डूबी हुई कार में मिला. खराब पुल पर कोई अवरोध या चेतावनी संकेत तक नहीं थे.
20 फीट नीचे जा गिरी कार
मुकदमे के अनुसार, फिलीप मैप फॉलो करता हुआ पुल पर चला गया था और लगभग 20 फीट नीचे जा गिरा. उत्तरी कैरोलिना राज्य गश्ती दल ने कहा था कि पुल का रखरखाव स्थानीय या राज्य अधिकारियों द्वारा नहीं किया गया था, और मूल डेवलपर की कंपनी बंद हो गई थी.
'लोगों ने कई बार गूगल को जानकारी दी थी'
मुकदमे में कई निजी संपत्ति प्रबंधन कंपनियों का नाम लिया गया है, जिनके बारे में दावा किया गया है कि वे पुल और आसपास की जमीन के लिए जिम्मेदार हैं. कई लोगों ने पैक्ससन की मृत्यु से पहले के वर्षों में गूगल मैप को पुल के ढहने के बारे में सूचित किया था और कंपनी से अपने मार्ग की जानकारी अपडेट करने का आग्रह भी किया था. लेकिन कंपनी ने ऐसा कुछ नहीं किया.
अदालत में दायर याचिका में एक अन्य हिकॉरी निवासी के ईमेल रिकॉर्ड शामिल हैं, जिन्होंने कंपनी को सचेत करने के लिए सितंबर 2020 में मैप एडिट करने का सुझाव दिया था. Google की नवंबर 2020 का ईमेल पुष्टि करता है कि कंपनी को उसकी रिपोर्ट मिली है और वह सुझाए गए बदलाव की समीक्षा कर रही है, लेकिन मुकदमे में दावा किया गया है कि Google ने आगे कोई कार्रवाई नहीं की.