एक कैदी को उसके किए अपराध के 28 साल बाद मौत की सजा दी गई. उसने एक महिला की चाकू से गोदकर हत्या कर दी थी. सजा पाने से पहले उसने कुछ हैरान करने वाले शब्द कहे. 51 साल के जर्माइन कैनन को अमेरिका में लीथल इंजेक्शन से मौत दी गई. इंजेक्शन लगने से महज 13 मिनट पहले उसने एक मैसेज दिया था. उसके आखिरी शब्दों में कहा था कि उसे जीसस ने बचा लिया है.
डेली स्टार की रिपोर्ट के अनुसार, कैनन को 1995 में मौत की सजा सुनाई गई थी. उसने 20 साल की शार्नोंडा क्लार्क की जान ली थी. वो दो बच्चों की मां थी. कैनन उसके साथ अपार्टमेंट शेयर करता था. अब 20 जुलाई को सजा दिए जाने के बाद उसकी मौत हो गई. मरने से पहले उसने जीसस और गॉड का शुक्रिया कहा था. उसके आखिरी शब्द थे, 'हां, मैं अपने मुंह से कबूल करता हूं और अपने दिल में विश्वास से कहता हूं कि भगवान ने यीशु को मरने के बाद जीवित किया था, इसलिए मैं बच गया हूं. धन्यवाद.'
एक अन्य महिला के साथ भी दरिंदगी की
कैनन पहले भी जेल जा चुका है. उसने एक महिला को किचन टोस्टर, हथौड़े और प्रेस से पीटा था. उसका रेप भी किया था. इस महिला को काफी चोट आई थी. वो डेढ़ दशक तक जेल में रहा. जबकि दूसरी तरफ क्लार्क के रिश्तेदार ने उसकी गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी. वो डे केयर से अपने बच्चों को लेने गई थी. मगर वापस नहीं लौटी. बाद में वो मृत पाई गई. उसके शरीर पर चाकू घोंपे जाने के निशान थे. मामले की जांच चली. तब जाकर कैनन पुलिस के हत्थे चढ़ा. वो मिशिगन में मिला था. अपने अंकल के साथ यहां रह रहा था.
ऐसा माना जाता है कि जब क्लार्क को मृत घोषित किया गया, तब कैनन की मां ने ही उसे पुलिस के पाने जाने को कहा था. वहीं कैनन ने मौत की सजा पाने से कुछ दिन पहले कहा था कि उसने आत्म सुरक्षा के एवज में क्लार्क को मारा था. क्लार्क की बेटी ने अब कहा है, 'ये मेरे परिवार के लिए राहत की बात है, मेरी बहन के लिए राहत है और मेरी दादी के लिए भी, जो आज ये सब देखने के लिए मौजूद नहीं हैं.'