दुनिया के कई देशों में रेप को लेकर जहां फांसी की सजा का प्रावधान है, वहीं मलेशिया और सिंगापुर में बच्चों के साथ होने वाली यौन हिंसा पर कोड़े मारने तक का प्रावधान है. हालांकि, कई मानवाधिकार संगठन कोड़े मारने की सजा का विरोध करते रहे हैं. लेकिन काफी पहले से यहां इस तरह की सजा दी जाती रही हैं.
मलेशिया में बच्चों के साथ यौन हिंसा में दोषी पाए जाने पर 30 साल तक की जेल भी हो सकती है और कोड़े मारने की सजा भी मिल सकती है. वहीं सिंगापुर में 14 साल तक के बच्चे से रेप होने पर 20 साल तक की सजा, कोड़े मारने और जुर्माने की सजा हो सकती है.
फिलीपींस की अगर बात करें तो यहां बच्चों के साथ रेप होने पर बिना पैरोल के चालीस साल तक की जेल की सजा मिल सकती है. वहीं, चीन, अफगानिस्तान, सऊदी अरब, ईरान, इजिप्ट सहित कई देशों में रेप पर मौत की सजा का प्रावधान है. वहीं, नॉर्थ कोरिया में दोषी को गोली मार दी जाती है.
POCSO एक्ट में संशोधन के प्रस्ताव पर कैबिनेट की मुहर
आपको बता दें कि भारत सरकार के केंद्रीय कैबिनेट से 12 साल तक की बच्ची से रेप के दोषियों को मौत की सजा देने के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है. शनिवार को प्रधानमंत्री आवास पर केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में यह फैसला लिया गया. अब सरकार इसके लिए अध्यादेश लाएगी. कैबिनेट की बैठक में 'प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रेन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंस' यानी POCSO एक्ट में संशोधन को मंजूरी मिलने से 12 साल से कम उम्र की बच्चियों से रेप के दोषियों को मौत की सजा दिए जाने का रास्ता साफ हो गया.