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पाली के आर्टिस्ट ने पीपल के पत्ते से कुछ यूं किया रामलला का स्वागत, मन मोह लेगी आर्ट

राजस्थान के पाली जिले के रहने वाले कलाकार श्रवण कुमार सुर्ख़ियों में हैं. उन्होंने सुई जैसी किसी नुकीली चीज के माध्यम से भगवान राम की छवि को पीपल के पत्ते पर उकेरा है. कलाकार की कलाकारी कुछ ऐसी है जिसे देखकर लोग इसकी तारीफों के पुल बांध रहे हैं.

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पीपल के पत्ते पर जो कलाकारी पाली के कलाकार ने की पूरा देश उसकी तारीफ कर रहा है
पीपल के पत्ते पर जो कलाकारी पाली के कलाकार ने की पूरा देश उसकी तारीफ कर रहा है

यूपी के अयोध्या में राम मंदिर के भव्य उद्घाटन से पूरे देश में जश्न का माहौल है. इस ऐतिहासिक क्षण का जश्न मनाने के लिए हर व्यक्ति अपने अंदाज में चीजें कर रहा है. इसी क्रम में राजस्थान के एक कलाकार ने वो कर दिया, जिसे देखकर लोग न केवल उसकी तारीफों के पुल बांध रहे हैं. बल्कि उसकी कला की भी खूब जमकर सराहना हो रही है. इस कलाकार ने पीपल के पत्ते में भगवान राम की छवि बनाई है.

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राजस्थान के पाली जिले के रहने वाले कलाकार श्रवण कुमार ने सुई जैसी किसी चीज के माध्यम से भगवान राम की छवि को पीपल के पत्ते पर उकेरा है. जैसी श्रवण की कला है इसे देखने के बाद लोग दंग रह गए हैं और जमकर उसकी तारीफें कर रहे हैं. 

श्रवण ने पीपल के पत्तों पर भगवान राम, देवी सीता और लक्ष्मण और राम मंदिर की तस्वीरें बनाई है.जैसा कि तस्वीरों में दिख रहा है पीपल के पत्तों को पहले सुखाया गया है फिर इन पर किसी नुकीली पिन से बड़ी ही बारीकी से राम मंदिर के अलावा भगवान राम, माता सीता और लक्ष्मण जी को उकेरा गया है.

श्रवण की ही तरह ओडिशा के कलाकार सास्वत रंजन भी अपनी कला के कारण मेन स्ट्रीम मीडिया से लेकर सोशल मीडिया तक खूब सुर्खियां बटोर रहे हैं. सास्वत ने माचिस की तीलियों का प्रयोग कर अयोध्या राम मंदिर की प्रतिमा बनाई है.

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अपनी कला पर बात करते हुए सास्वत ने बताया कि माचिस की तीलियों से बनी इस प्रतिमा को बनाने में उन्हें 6 दिन का समय लगा है.

ये कितना बारीक काम रहा होगा और इसमें कितनी मेहनत लगी होगी? इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि  14 इंच लंबी  और करीब 7 इंच चौड़ी इस  प्रतिमा को बनाने में 936 तीलियों का इस्तेमाल हुआ है.

बताते चलें कि पारंपरिक नागर शैली पर आधारित, राम मंदिर की लंबाई 380 फीट, चौड़ाई 250 फीट और ऊंचाई 161 फीट है. चंद्रकांत सोमपुरा और उनके बेटे आशीष द्वारा डिजाइन किया गया है.

मंदिर परिसर 70 एकड़ में फैला है, जिसमें मुख्य मंदिर क्षेत्र 2.7 एकड़ और निर्मित क्षेत्र लगभग 57,000 वर्ग फीट है. 1,800 करोड़ रुपये मूल्य की पूरी संरचना का वित्तपोषण श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा किया गया है.

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