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UP: बीमारी भगाने के लिए रात में अनोखी पूजा, हवन कर गांव में घुमाते हैं खप्पर पर आग

शिकोहाबाद कस्बे के गांव डंडियामयी में सोमवार को बरसात की बीमारी भगाने का देशी नुस्खा देखने में आया है. मंदिर से पूजन कार्यक्रम शुरू हुआ. वर्षों पुरानी परंपरा है, ग्रामीण इसे काफी समय से कर रहे हैं.

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हवन की आग को गांव में घुमाते हैं लोग.
हवन की आग को गांव में घुमाते हैं लोग.
स्टोरी हाइलाइट्स
  • हवन पूजा कर ग्रामीण गांव में घुमाते हैं आग
  • आग ले जाते समय बच्चे मचाते हैं शोर
  • सावन के अगले महीने भादों में की जाती है अनोखी पूजा

यूपी के फ़िरोज़ाबाद जिले में अनोखी पूजा होती है. इस आयोजन में काफी संख्या में ग्रामीण एकत्रित होकर हवन यज्ञ करते हैं और मंत्रो का उच्चारण करते हैं. देशी आयुर्वेदिक लोबान, गंधक, सरसों का तेल, रार, गुग्गुल का आग में प्रयोग कर घर-घर उस हवन की आग को घुमाया जाता है. विशेष कार्यक्रम देव स्थान से शुरू होकर फिर गांव की गलियों में द‍िखाई देता है, बच्चे गलियों में शोर मचाते चलते हैं.

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शिकोहाबाद कस्बे के गांव डंडियामयी में सोमवार को बरसात की बीमारी भगाने का देशी नुस्खा देखने में आया है. मंदिर से पूजन कार्यक्रम शुरू हुआ. वर्षों पुरानी परंपरा है, ग्रामीण इसे काफी समय से कर रहे हैं.
 
ग्रामीणों की मानें तो वर्षा के मौसम में गली-मोहल्लों में पानी से पशुओं में घुरक खुर पका और मुंह पका जैसे रोग पैदा हो जाते हैं.  इस पूजा के बाद वे नष्ट हो जाते हैं. गांव का एक बलशाली व्यक्ति पहले नए घड़े के खपरे ले जाता था लेकिन अब इसे बड़े-बड़े झाबे पर दो व्यक्ति उठाते हैं. इसमें एक पहलवान हनुमानजी जी के खप्पर को उठाता है तो दूसरा माता काली का.

इन दोनों खप्परों को लेकर पूरे गांव में घुमाया जाता है. घरों में घुसकर मनुष्यों के निवास से पशुओं के निवास तक ले जाया जाता है ताकि बीमारी जनित कीड़े किसी गली-मोहल्ले और घर में न रह जाएं. रात में की जाने वाली इस पूजा को आस्था और विश्वास के साथ ग्रामीण पूरी शिद्दत से बीमारी भगा रहे हैं.

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जनपद में जारी डेंगू वायरल बुखार का प्रकोप पूरे जिले में भयंकर कहर ढा रहा है. आए द‍िन मौत हो रही हैं. मौतों से परेशान ग्रामीण पुराने नुस्खे आजमाने को मजबूर हैं. अभी तक कोरोना से भयभीत जनमानस को अब डेंगू, मलेरिया बुखार का डर सता रहा है जहां एक तरफ सरकार टीका ईजाद कर रही है तो नई-नई बीमारी भी कई घरों के चिराग बुझा चुकी हैं. नौनिहालों ने दम तोड़ दिया है. घर-घर वायरल से बीमारों की चारपाई बिछी है. ऐसे ग्रामीण हॉस्पिटल पर तो पूरा विश्वास नहीं कर रहे, पर पुराने नुस्खों से बीमारी भगाने के उपाय ढूंढ रहे हैं. अब इसे आस्था कहें या अंधविश्वास, जिले में फैली बीमारी की अजूबी पूजा हो रही है. 

 

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