कम से कम 190 छात्राओं का वर्जिनिटी स्टेटस उनकी यूनिवर्सिटी ने लीक कर दिया है. ये स्टेटस छात्राओं से आखिर पूछा ही क्यों गया था, इस बारे में पता नहीं चल सका है. आपको ये बात जानकर हैरानी होगी कि इस गोपनीय जानकारी को लीक करने का काम यूनिवर्सिटी के मेडिकल अधिकारियों ने किया है. उन्होंने इसे सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया.
मामला अल-फराबी कजाकिस्तान नेशनल यूनिवर्सिटी का है. यूनिवर्सिटी में छात्राओं से इस तरह के सवाल क्यों पूछे गए थे, ये अभी तक पता नहीं चल सका है. लीक किए गए डाटा में उनका नाम, उम्र, फोन नंबर और टैक्स कोड शामिल थे.
डेली स्टार की रिपोर्ट के अनुसार, ये जानकारी यूनिवर्सिटी के कई सोशल मीडिया ग्रुप्स पर भी शेयर की गई. इस बारे में पता चला है कि यूनिवर्सिटी के मेडिकल सेंटर में छात्राओं की स्त्री रोग विशेषज्ञ ने जांच की थी.
इसके नतीजे ही लीक हुए थे, लेकिन अभी भी ये स्पष्ट नहीं है कि छात्राओं की इस तरह की जांच क्यों की गई. शुरुआती रिपोर्ट्स से पता चलता है कि कम से कम 190 छात्राओं का वर्जिनिटी स्टेटस लीक हो गया.
इसे उनके शिक्षकों और अन्य छात्रों ने भी देखा है. स्थानीय मीडिया से एक ऐसी छात्रा ने भी बात की, जिसका नाम लिस्ट में शामिल है. उसने पहचान न बताते हुए कहा, 'हमारा निजी डाटा हर लैंप पोस्ट पर लटका हुआ है.
अजीबो गरीब मेडिकल जांच के बाद, वे जानकारी एकत्रित करते हैं और इसे एक चैट रूम में डाल देते हैं.'एक अन्य छात्र ने कजाकिस्तान में गोपनीयता के उल्लंघन की आलोचना की.
यूनिवर्सिटी ने गलती के लिए जिम्मेदार मेडिकल सेंटर के साथ अपना कॉन्ट्रैक्ट खत्म कर दिया है.उसने कहा कि वो इसकी समीक्षा कर रहा है, लेकिन बड़े पैमाने पर प्रभावित छात्राओं के लिए किसी भी प्रकार की माफी जारी नहीं की है.
कजाकिस्तान के विज्ञान और उच्च शिक्षा मंत्री सयासत नूरबेक ने इस चौंकाने वाले मामले की निंदा की और कहा, 'निजी डाटा का ट्रांसफर, विशेष रूप से चिकित्सा से संबंधित, एक उल्लंघन है.
ये मामला मैं देख रहा हूं क्योंकि यह सीधा उल्लंघन है. जिम्मेदार लोगों को हमारे मौजूदा कानून के तहत सजा का सामना करना पड़ेगा.'