भाजपा सांसद मेनका गांधी जब पिछले हफ्ते बदायूं जिले के दातागंज विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक अवनीश कुमार सिंह उर्फ पप्पू भैया के आवास पर पत्रकारों से बात कर रही थीं तो उन्होंने सोचा नहीं होगा कि इस फैसले का ऐलान वे वहां करेंगी.
जब एक संवाददाता ने उनके सांसद बेटे और भाजपा सचिव वरुण गांधी के विवाह के बारे में जिज्ञासा जताई तो उन्होंने साफ कर दिया, ''वरुण की शादी इसी साल यामिनी से होगी. यामिनी वरुण को पसंद है और मुझे भी पसंद है.''
देश के सबसे ताकतवर राजनीतिक परिवार में दिलचस्पी रखने वाले अटकल लगा रहे थे कि पहले वरुण विवाह के बंधन में बंधेंगे या फिर उनसे 10 साल बड़े उनके चचेरे भाई राहुल गांधी. लेकिन मेनका के ऐलान के साथ ही ये अटकलें खत्म हो गई हैं क्योंकि उन्होंने यह भी साफ कर दिया है कि ''शादी इसी साल हो जाएगी.''
पीलीभीत से सांसद और राष्ट्रीय सचिव के नाते असम के प्रभारी वरुण हालांकि पार्टी में अपनी जड़ें जमाने और स्वीकार्यता बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं, पर उनकी मां ने उनकी निजी जिंदगी में स्थायित्व लाने का फैसला कर लिया है. उनकी होने वाली बहू बंगाली कन्या यामिनी दरअसल इंका यामिनी रॉय फिल्म समीक्षक अरुणा वासुदेव और दिवंगत राजनयिक सुनील रॉय की बेटी हैं. {mospagebreak}
सुनील कभी मेक्सिको में भारत के राजदूत रहे हैं. दरअसल, यामिनी वरुण से दो साल बड़ी हैं और ग्राफिक डिजाइनर हैं. वे जाने-माने डिजाइनर विवेक साहनी के साथ काम कर चुकी हैं और अब इनकार्नेशन नामक खुद की कंसल्टेंसी चलाती हैं. सिनेमा और कविता में रुचि रखने वाली यामिनी कभी अपनी मां द्वारा शुरू की गई पत्रिका सिनेमाया में लिखती भी रही हैं. दिल्ली के सेंट स्टीफेंस कॉलेज और पेरिस के सॉर्बोन विश्वविद्यालय में पढ़ीं यामिनी तड़क-भड़क से दूर रहने वाली और शाकाहारी हैं.
थोड़े उग्र वरुण के साथ इन गुणों के चलते भी उनकी निभेगा. दिलचस्प है कि उनकी चाची उमा, जिन्होंने वरुण की दादी इंदिरा गांधी पर दो किताबें लिखी हैं, ने आपात काल के दौरान उनकी पत्रिका सर्ज के लिए संजय गांधी का एक इंटरव्यू किया था जिसमें उन्होंने इंदिरा गांधी की कई नीतियों की आलोचना की थी. पत्रिका का वह अंक कभी बिक्री के लिए बाहर नहीं आ सका था. बहरहाल, यामिनी से वरुण का रिश्ता लंबे समय से इस तरह का था कि विवाह का ऐलान महज औपचारिकता थी. {mospagebreak}
वैसे, भाजपा सचिव बनाए जाने के बाद वरुण खासे सक्रिय हैं. अपने प्रभार वाले असम में, जहां अगले साल चुनाव होने हैं, पिछले हफ्ते उन्होंने नौगांव में एक जनसभा पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी के साथ संबोधित की. पिछले लोकसभा चुनाव के दौरान अल्पसंख्यकों के विरुद्ध एक टिप्पणी के चलते वे पार्टी के एक खास तबके में आकर्षण का केंद्र बन गए हैं.
जबकि पार्टी का एक वर्ग इस बात पर चिंता जताता रहता है कि वरुण के कार्यक्रम पार्टी की ओर से कम तय किए जाते हैं, बल्कि कार्यक्रम खुद वरुण तय करते हैं और पार्टी को साथ देना पड़ता है. अपनी पृष्ठभूमि के चलते उनका आकर्षण है ही. पर सवाल यह है कि विवाह में उनकी ताई सोनिया और प्रियंका-राहुल शामिल होंगे या नहीं. प्रियंका के विवाह में वरुण गए थे, जबकि मेनका नहीं गई थीं. मेनका ने कहा है, ''परिवार के सभी सदस्यों को निमंत्रण दिया जाएगा.'' विवाह तक यह कौतूहल बना रहेगा.