संस्कृत और तमिल दोनों को सबसे पुरानी भाषा माना जाता है, लेकिन दोनों में से कौन सी एक भाषा सबसे पुरानी है, इसे लेकर अकसर लोग कन्फ्यूज रहते हैं. तमिल भाषा का रिकॉर्ड इतिहास 2300 साल से अधिक पुराना है.
इसका सबसे पुराना लिखित रिकॉर्ड तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व का माना जाता है, जिसके बाद से भाषा का विकास जारी है. दूसरी तरफ एक प्राचीन इंडो-आर्यन भाषा संस्कृत को दुनिया की सबसे पुरानी भाषाओं में से एक माना जाता है.
संस्कृत का रिकॉर्ड इतिहास 3500 साल पुराना है. संस्कृत के सबसे पुराने लिखित अभिलेख वेदों में मिले हैं. ये वो प्राचीन हिंदू ग्रंथ हैं, जो 1500 और 1200 ईसा पूर्व के बीच रचे गए थे. तमिल और संस्कृत दोनों ही समृद्ध इतिहास के साथ दुनिया की सबसे प्राचीन भाषाएं हैं, दोनों में ही समय के साथ विकास हुआ है और कई तरीकों से एक दूसरे को प्रभावित भी किया है.
वियॉन की रिपोर्ट के अनुसार, आमतौर पर यह स्वीकार किया जाता है कि तमिल जीवित भाषाओं में सबसे पुरानी लिखित परंपराओं में से एक है, जबकि संस्कृत को दुनिया की सबसे पुरानी दर्ज की गई भाषाओं में से एक के तौर पर मान्यता दी गई है. तो चलिए अब दोनों भाषाओं से जुड़े कुछ तथ्यों पर बात करते हुए इनकी तुलना कर लेते हैं.
पहला पॉइंट-
दूसरा पॉइंट-
तीसरा पॉइंट-
चौथा पॉइंट-
पांचवां पॉइंट-
कुल मिलाकर तमिल और संस्कृत दोनों ही भाषाएं भारतीय परंपरा के विकास में अहम योगदान देती हैं. साथ ही इनका भारत की भाषाई विरासत की समृद्धि और विविधता में विशेष योगदान है. तमिल और संस्कृत समृद्ध इतिहास और अनोखी विशेषता वाली प्राचीन भाषाएं हैं.