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संस्कृत या तमिल? इनमें कौन सी है दुनिया की सबसे प्राचीन भाषा? यहां जानिए

तमिल और संस्कृत को लेकर लंबे समय से बहस छिड़ी हुई है कि भला दोनों में से कौन सी भाषा सबसे ज्यादा पुरानी है. इसे लेकर हमेशा से ही कन्फ्यूजन रहा है. दोनों ही भाषाओं का समृद्ध इतिहास है. इनके रिकॉर्ड इतिहास भी काफी पुराने हैं.

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 प्राचीन भाषाएं हैं संस्कृत और तमिल (तस्वीर- Pexels)
प्राचीन भाषाएं हैं संस्कृत और तमिल (तस्वीर- Pexels)

संस्कृत और तमिल दोनों को सबसे पुरानी भाषा माना जाता है, लेकिन दोनों में से कौन सी एक भाषा सबसे पुरानी है, इसे लेकर अकसर लोग कन्फ्यूज रहते हैं. तमिल भाषा का रिकॉर्ड इतिहास 2300 साल से अधिक पुराना है.

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इसका सबसे पुराना लिखित रिकॉर्ड तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व का माना जाता है, जिसके बाद से भाषा का विकास जारी है. दूसरी तरफ एक प्राचीन इंडो-आर्यन भाषा संस्कृत को दुनिया की सबसे पुरानी भाषाओं में से एक माना जाता है. 

संस्कृत का रिकॉर्ड इतिहास 3500 साल पुराना है. संस्कृत के सबसे पुराने लिखित अभिलेख वेदों में मिले हैं. ये वो प्राचीन हिंदू ग्रंथ हैं, जो 1500 और 1200 ईसा पूर्व के बीच रचे गए थे. तमिल और संस्कृत दोनों ही समृद्ध इतिहास के साथ दुनिया की सबसे प्राचीन भाषाएं हैं, दोनों में ही समय के साथ विकास हुआ है और कई तरीकों से एक दूसरे को प्रभावित भी किया है. 

वियॉन की रिपोर्ट के अनुसार, आमतौर पर यह स्वीकार किया जाता है कि तमिल जीवित भाषाओं में सबसे पुरानी लिखित परंपराओं में से एक है, जबकि संस्कृत को दुनिया की सबसे पुरानी दर्ज की गई भाषाओं में से एक के तौर पर मान्यता दी गई है. तो चलिए अब दोनों भाषाओं से जुड़े कुछ तथ्यों पर बात करते हुए इनकी तुलना कर लेते हैं. 

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पहला पॉइंट-

  • तमिल- यह एक द्रविड़ भाषा है. जिसे मुख्य रूप से भारत के तमिलनाडु राज्य के साथ-साथ श्रीलंका, सिंगापुर और मलेशिया में बोला जाता है.
  • संस्कृत- यह एक प्राचीन इंडो-आर्यन भाषा है. इसे सभी भारतीय भाषाओं की जननी माना जाता है.

दूसरा पॉइंट-

  • तमिल- ये दुनिया की सबसे पुरानी जीवित शास्त्रीय भाषाओं में से एक मानी जाती है. इसका रिकॉर्ड इतिहास 2000 साल से ज्यादा पुराना है.
  • संस्कृत- इसका रिकॉर्ड इतिहास 3500 साल से अधिक पुराना है. इसमें वेदों के सबसे पुरानी लिखित अभिलेख शामिल हैं. इन प्राचीन हिंदू ग्रंथों को 1500 से 1200 ईसा पूर्व के बीच रचा गया था.

बेहद प्राचीन भाषा है संस्कृत (तस्वीर- फाइल फोटो)

तीसरा पॉइंट-

  • तमिल- तमिल साहित्य की परंपरा को बेहद समृद्ध माना जाता है. जिसने भारतीय संस्कृति और साहित्य के विकास में काफी योगदान दिया है.
  • संस्कृत- संस्कृत की बात करें, तो इसकी शब्दावली बेहद समृद्ध है. इसका व्याकरण काफी जटिल भी है. इसे अधिक संरचित और जटिल भाषा माना जाता है.

चौथा पॉइंट- 

  • तमिल- तमिल लिपी दुनिया की सबसे पुरानी और जटिल लेखन प्रणाली (राइटिंग सिस्टम) में से एक है. इसमें वर्णों और प्रतीकों को अनोखे तरीसे से सेट किया गया है.
  • संस्कृत- इस भाषा ने हिंदी, बंगली और मराठी समेत कई भाषाओं के विकास को प्रभावित किया है.

पांचवां पॉइंट- 

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  • तमिल- यह दुनिया की अकेली ऐसी भाषा है, जिसके पांच एनसाइक्लोपीडिया हैं. 
  • संस्कृत- इसका प्रयोग मुख्य रूप से हिंदू धर्म ग्रंथों, प्राचीन भारतीय साहित्य और दार्शनिक ग्रंथों में किया गया है.

कुल मिलाकर तमिल और संस्कृत दोनों ही भाषाएं भारतीय परंपरा के विकास में अहम योगदान देती हैं. साथ ही इनका भारत की भाषाई विरासत की समृद्धि और विविधता में विशेष योगदान है. तमिल और संस्कृत समृद्ध इतिहास और अनोखी विशेषता वाली प्राचीन भाषाएं हैं.

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