वर्ष 2008 के मुम्बई हमले की साजिश रचने के आरोपी लश्कर ए तैयबा आतंकवादी डेविड हेडली के मन में भारत के प्रति नफरत कूट-कूट कर भरी थी और उसने चेतावनी दी थी कि यदि इस अपराध से संबंधित उसके कबूलनामे को नई दिल्ली के साथ सहयोग से जोड़ा गया तब वह जांच में सहयोग करना बंद कर देगा.
विकीलीक्स की ओर से जारी अमेरिकी दूतावास के गोपनीय दस्तावेज के अनुसार इस वर्ष फरवरी में गृहमंत्री पी चिदम्बरम से भेंट के दौरान अमेरिकी संघीय जांच ब्यूरो (एफबीआई) के निदेशक राबर्ट मूलर ने यह बात कही थी.
भारत में अमेरिका के राजदूत की ओर से ‘गोपनीय’ करार इस दस्तावेज में कहा गया है, ‘इस बात को और रेखांकित करते हुए कि पूछताछ की हेडली की पेशकश अंतिम चरण में है, मूलर ने कहा कि हेडली ने भारत के प्रति नफरत व्यक्त की है और यदि उसके कबूलनामे को किसी भी रूप में भारत सरकार के सहयोग से जोड़ा गया तो वह चुप्पी साध सकता है.’
इन गोपनीय दस्तावेज के अनुसार चिदम्बरम ने कहा था कि भारत अमेरिका की ओर दी जाने वाली सूचनाओं का अजमल कसाब समेत 26 नवंबर, 2008 के मुम्बई हमले के आरोपियों के अभियोजन में इस्तेमाल नहीं करेगा लेकिन उन्होंने मूलर को स्पष्ट कर दिया कि भारतीय जांच दल ने खुद की जांच से हेडली के कंप्यूटर और ईमेलों से सूचनाएं इकट्ठा की है.
गृहमंत्री ने शिकागो में रहने वाली हेडली की बीबी शैजा से संपर्क की इजाजत मांगी थी ताकि भारतीय जांचकर्ता उससे पूछताछ कर हेडली को उसके द्वारा भेजे गए संदेश कि उसने उसे ‘क्रमिक रूप से आगे बढ़ते देखा’ का मतलब पता कर सके.
लश्कर के कहने पर मुम्बई हमले की साजिश रचने वाले कथित षडयंत्रकर्ता हेडली ने इस वर्ष 18 मार्च को अमेरिकी अदालत में आतंकवाद से संबंधित सभी आरोप कबूल लिए थे. बताया जाता है कि ऐसा कर वह मृत्युदंड से बचने का प्रयास कर रहा है.