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उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात में पुलिस कस्टडी में हुई बलवंत सिंह की मौत के मामले में चौंकाने वाली पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आई है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतक बलवंत के सिर से लेकर पैर तक 31 चोट के निशान पाए गए हैं. लेकिन रिपोर्ट में मौत की वजह स्पष्ट नहीं की गई है. वहीं, विसरा रिपोर्ट को सुरक्षित रखा गया है.
दरअसल, शिवली कोतवाली क्षेत्र के लालपुर सरैया गांव निवासी बलवंत सिंह को कानपुर देहात की पुलिस ने 12 दिसंबर की दोपहर को चाचा चंद्रभान से लूट के शक में उठाया था. और पूछताछ के लिए थाने ले गई थी. वहीं, परिजनों का आरोप था की रनिया थाने ले जाकर पुलिस ने बलवंत की इस कदर पिटाई की कि उसने थाने में ही दम तोड़ दिया.
फिर 12 दिसंबर को देर रात पोस्टमॉर्टम हाउस में परिजनों के हंगामा करने पर एसपी सुनीति ने तत्काल 11 पुलिसवालों को निलंबित कर दिया. परिजनों की मांग थी कि आरोपी पुलिसवालों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाए. साथ ही मृतक के शव का पोस्टमार्टम कानपुर देहात में नहीं बल्कि कानपुर नगर में करवाया जाए.
फिर 13 दिसंबर की दोपहर को 5 पुलिस वालों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करके गिरफ्तार कर लिया. उन्हें कोर्ट में पेश करके जेल भेज दिया गया. इसके बाद 13 दिसंबर की रात को जब कानपुर में शव का पोस्टमार्टम हुआ तो रिपोर्ट में 31 से ज्यादा चोटें मृतक के शरीर पर पाईं गईं.
पूर्व सीएम अखिलेश यादव मृतक के परिजनों से मिले
उधर, बलवंत की मौत अब राजनीतिक मुद्दा भी बन गई है. क्योंकि पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी 19 दिसंबर को मृतक के घर पहुंचे थे और परिवार की हर सम्भव मदद करने का आश्वासन दिया था.
5 पुलिसकर्मी जेल में बंद
बता दें, मामले में एसओजी प्रभारी प्रशांत गौतम, शिवली थाना अध्यक्ष राजेश कुमार सिंह और अन्य तीन सिपाही अनूप कुमार, सोनू यादव एवं दुर्वेश कुमार जेल में बंद हैं. मामले की जांच अभी भी जारी है. इस पूरे मामले में पुलिस की तरफ से कहा गया था कि बलवंत के सीने में दर्द होने की वजह से उसकी मौत हुई है. लेकिन जिस तरीके से पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आई है उसमें 31 चोटें एक-एक करके दर्शाई गई हैं, जिसको देखने पर लग रहा है कि बलवंत की पिटाई से ही मौत हुई है. हालांकि, इस बात की अभी पुष्टि नहीं हो पाई है.