यूपी में 40 जिलों में बाढ़ का असर और नुकसान हुआ है. यूपी सरकार ने उन जिलों के लिए सहायता राशि जारी कर दी है. यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने राज्य आपदा मोचक निधि (State Disaster Relief Fund) से जिलों के लिए 120 करोड़ रुपए की धनराशि जारी की है. इस धनराशि को बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत सहायता देने के साथ ही कृषि निवेश अनुदान समेत दूसरे राहत कार्यों के लिए भी खर्च किया जाएगा. 20 जिलों को 5-5 करोड़ और 20 जिलों को 1-1 करोड़ की धनराशि की जारी गई है.
दरअसल, यूपी में बाढ़ के कहर का असर 40 जिलों पर पड़ा है. कई गांवों में बाढ़ के पानी की वजह से जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया है, तो कई गांव का सम्पर्क मार्ग भी जलमग्न हो गया है. इसके लिए लगातार उन जिलों में मदद और राहत पहुंचाने की कोशिश जारी है. इस बीच शनिवार को यूपी सरकार ने ऐसे 40 जिलों के लिए 120 करोड़ रुपए की धनराशि जारी कर दी है.
संवेदनशील और अति संवेदनशील श्रेणी में रखे गए जिले
बाढ़ प्रभावित ज़िलों की समीक्षा बैठक कर मुख्यमंत्री ने कई अहम निर्देश दिए तो 'राज्य आपदा मोचक निधि' से 120 करोड़ की राशि जारी की. इस राशि से बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत सहायता दी जाएगी. साथ ही कृषि निवेश अनुदान समेत दूसरे राहत कार्यों के लिए भी राशि खर्च की जाएगी. 40 ज़िलों को बाढ़ की दृष्टि से संवेदनशील और अति संवेदनशील ज़िलों की श्रेणी में रखा गया है. 20 जिलों को पांच-पांच करोड़ रुपए की धनराशि दी जाएगी.
इन जिलों में बाढ़ का असर
इन जिलों में लखीमपुर खीरी, बलरामपुर, कुशीनगर, शाहजहांपुर, बाराबंकी, सीतापुर, गोंडा, बहराइच, सिद्धार्थनगर, बलिया, गोरखपुर, बरेली, आजमगढ़, हरदोई, अयोध्या, बदायूं, फर्रुखाबाद, बस्ती, देवरिया और उन्नाव शामिल हैं. वहीं महराजगंज, बिजनौर, गाजीपुर, मऊ, अम्बेडकरनगर, श्रावस्ती, संतकबीरनगर, पीलीभीत, सहारनपुर, शामली, अलीगढ़, हमीरपुर, गौतमबुद्धनगर, रामपुर, प्रयागराज, बुलंदशहर, मुरादाबाद, वाराणसी, लखनऊ और कासंगज के लिए 1-1 करोड़ की सहायता राशि आवंटित की गई है.
सीएम योगी खुद कर रहे मॉनिटरिंग
राहत आयुक्त जी.एस नवीन ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बाढ़ प्रभावित इलाकों की खुद लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं. इससे पहले बाढ़ तैयारियों के लिए 10 करोड़ रुपए जारी किए गए थे. यूपी में कई जगह बाढ़ से भारी नुक़सान हुआ है. यूपी में क़रीब 40 ज़िले जहां बाढ प्रभावित हैं वहीं कई ज़िलों में बाढ़ का विकराल रूप देखने को मिल रहा है. सरयू, घाघरा, शारदा, राप्ती और सहायक नदियों का पानी कई गाँव में घुस जाने से जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया है. पूर्वांचल के कई ज़िले बुरी तरह से प्रभावित हैं.पिछले दिनों मुख्यमंत्री ने बाढ़ का हवाई सर्वेक्षण भी किया था और समीक्षा बैठक कर कई निर्देश दिए थे.