चित्रकूट जेल में बंद मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी से उसकी पत्नी निकहत की मुलाकात और गिरफ्तारी के मामले में कारागार मंत्री धर्मवीर प्रजापति का बड़ा बयान आया है. उन्होंने कहा कि चित्रकूट जेल की घटना ने सरकार और महकमे की साख पर बट्टा लगाया है. आरोपी जेल कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. कहा कि डीआईजी जेल की विस्तृत जांच रिपोर्ट मिलने का इंतजार है.
धर्मवीर प्रजापति ने कहा कि कारागार मुख्यालय स्तर पर सीसीटीवी के जरिए रखी जाने वाली निगरानी के मामले में समीक्षा भी की जाएगी. अगर मुख्यालय स्तर पर लापरवाही मिली तो वहां भी कार्रवाई होगी. कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए मुख्यालय स्तर पर कल जेल अधीक्षक, जेलर और डिप्टी जेलर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग होगी. इसमें उन जेलों की समीक्षा की जाएगी जिनमें हाई प्रोफाइल कैदियों और बंदी हैं.
गौरतलब है कि शुक्रवार को एसपी और डीएम ने चित्रकूट जेल में छापा मारा था. इस दौरान अब्बास अंसारी की पत्नी जेलर के बगल वाले कमरे में पकड़ी गई थी. उसकी गिरफ्तारी के बाद एक बड़ा खुलासा हुआ है. सामने आया है कि घूस के पैसों में बंटवारे को लेकर जेलकर्मियों के बीच ही विवाद हो गया था, इसी का खामियाजा निकहत अंसारी को उठाना पड़ा था.
निकहत की बीती 3 मुलाकातों के बाद से चित्रकूट जेल में घूस के पैसों और गिफ्ट को लेकर जेलकर्मियों के बीच में ही मनमुटाव पैदा हो गया था. इसके बाद निकहत के अपने पति अब्बास से जेल में मिलने की खबर अफसरों के कानों में पहुंचने लगी थीं. इसी बीच शुक्रवार को निकहत अब्बास से मुलाकात करने पहुंची थी. तभी जेल के पीसीओ से एक फोन किया गया.
सूत्रों की मानें, तो यह फोन पुलिस के एक बड़े अफसर को किया गया था. ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर वह कौन मुखबिर था, जिसने इतनी सटीक सूचना अफसरों को दी और निकहत अंसारी को रंगे हाथों पकड़ लिया गया. निकहत की तलाशी में मोबाइल फोन के अलावा कई आपत्तिजनक सामग्री बरामद हुईं. पुलिस को अब्बास की पत्नी के पास से सऊदी अरब की मुद्रा रियाल भी मिली.
रगौली जेल पुलिस चौकी के प्रभारी (SI) श्यामदेव सिंह की शिकायत पर कर्वी कोतवाली में अब्बास की पत्नी निकहत और उनके ड्राइवर नियाज समेत जेल अधीक्षक अशोक सागर और जेलर समेत दूसरे जेलकर्मियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 387, 222, 186, 506, 201, 120बी समेत अन्य कई गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया. इसके साथ ही अब्बास अंसारी की इस मनमानी में 8 जेल कर्मियों को तो सस्पेंड कर दिया गया. साथ ही अब विभागीय जांच के बाद इन जेल कर्मियों की बर्खास्तगी करने की भी तैयारी चल रही है.