समाजवादी पार्टी के नेता अब्दुल्ला आजम खान 17 महीने जेल में बिताने के बाद मंगलवार को उत्तर प्रदेश की हरदोई जेल से बाहर आए. उनके स्वागत के लिए जेल के बाहर उनकी पार्टी के नेता और समर्थक उमड़ पड़े. दोपहर करीब 12 बजे अब्दुल्ला को सुरक्षाकर्मियों ने जेल परिसर से बाहर निकाला. अब्दुल्ला आजम ने सफेद कुर्ता-पायजामा और गहरे रंग की स्लीवलेस वेस्टकोट पहनी हुई थी और उनके सिर पर पोनीटेल थी.
आपको बता दें कि अब्दुल्ला रामपुर के स्वार विधानसभा क्षेत्र से पूर्व विधायक हैं और जेल में बंद वरिष्ठ सपा नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान के बेटे हैं. अब्दुल्ला आजम ने मीडिया से बात नहीं की, लेकिन उनके वकील सतनाम सिंह नट्टू ने हरदोई जेल के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए कहा, "जैसा कि पूरा देश जानता है, मोहम्मद आजम खान और उनके परिवार को सताया गया और जेल में डाला गया. आज हम अब्दुल्ला भाई की रिहाई का रास्ता साफ करने के लिए भगवान, अल्लाह और वाहेगुरु का शुक्रिया अदा करते हैं. वह आखिरकार आज रिहा होकर घर लौटेंगे."
गौरतलब हो कि जैसे ही अब्दुल्ला आजम खान की रिहाई की खबर फैली, उनके तमाम समर्थक मुरादाबाद की सांसद और सपा नेता रुचि वीरा के साथ जेल के बाहर इकट्ठा होने लगे. जेल से बाहर आने पर अब्दुल्ला का जोरदार स्वागत किया गया.
एमपी/एमएलए स्पेशल मजिस्ट्रेट ट्रायल कोर्ट के जज शोभित बंसल ने हाल ही में 2020 में दर्ज शत्रु संपत्ति से जुड़े एक मामले में अब्दुल्ला आजम खान को जमानत दे दी थी. पिछले कुछ सालों में अब्दुल्ला आजम खान के खिलाफ मशीन चोरी से जुड़े एक मामले समेत 45 मामले दर्ज किए गए हैं और उन्हें सभी में जमानत मिल गई थी.
जमानत सत्यापन से संबंधित प्रक्रियागत मुद्दों के कारण उनकी रिहाई में देरी हुई. सोमवार को एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट ट्रायल कोर्ट से रिहाई का आदेश हरदोई जेल भेजा गया, जिससे उनकी रिहाई का रास्ता साफ हो गया.
हरदोई में मौजूद सपा सांसद रुचि वीरा ने न्याय व्यवस्था में अपनी आस्था दोहराई. उन्होंने कहा, "हमें न्यायपालिका पर पहले भी भरोसा था और अब भी है. न्याय हुआ है और हम इसके लिए आभारी हैं. हालांकि, अदालत का आदेश छह दिन पहले आया था, लेकिन रिहाई के दस्तावेजों को संसाधित करने में समय लगा. लेकिन आखिरकार, हमें स्पष्टता मिली है और हम खुश हैं कि न्याय हुआ है." हालांकि, आजम खान वर्तमान में विभिन्न मामलों के सिलसिले में सीतापुर जेल में बंद हैं.