उत्तर प्रदेश के बांदा में अजीबोगरीब एक मामला सामने आया है. यहां कोर्ट ने एक आरोपी को ऐसी सजा सुनाई, जिसे सुनकर आरोपी के साथ लोग भी दंग रह गए. कोर्ट के सरकारी वकील अभियोजन अधिकारी सुरेंद्र प्रसाद का कहना है कि 1997 का मामला है, जहां आरोपी को पुलिस ने गश्त के दौरान अवैध हथियार के साथ गिरफ्तार किया था. पुलिस ने उसी समय आरोपी को जेल भेज दिया था.
बांदा पुलिस ने ऑफिसियल प्रेस नोट जारी करते हुए बताया कि मटौंध थाना के SHO वीरेंद्र यादव ने 27 जनवरी 1997 को चेकिंग के दौरान मान सिंह को अवैध हथियार और कारतूस के साथ गिरफ्तार किया था. पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया था. आगे पुलिस ने जांच के दौरान आरोप पत्र दाखिल किया और 2018 में आरोपी के विरुद्ध कोर्ट में चार्ज बनाया गया.
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'5000 रुपये जुर्माने लगाकर किया दंडित'
कोर्ट में सुनवाई शुरू हुई. मामला 27 साल पुराना होने के चलते कोर्ट में अपना जुर्म स्वीकार कर लिया. इस पर कोर्ट ने कहा कि मामला 27 साल पुराना है. तुमने अपना जुर्म स्वीकार किया है. तुम्हारी सजा सिर्फ यही है कि तुम जेल में जो 4 माह 28 दिन गुजार चुके हो वही तुम्हारी सजा थी. महज 5000 रुपये जुर्माने लगाकर उसे दंडित किया. यह मामला कोर्ट में काफी चर्चा का विषय बना है.
मामले में सरकारी वकील ने कही ये बात
कोर्ट के सरकारी वकील अभियोजन अधिकारी सुरेंद्र प्रसाद ने बताया कि 1997 का मामला है. जहां आरोपी मान सिंह को पुलिस ने गश्त के दौरान अवैध असलहे के साथ गिरफ्तार किया था. पुलिस ने उसी समय आरोपी को जेल भेज दिया था. अब मामला ट्रायल पर आया. 2018 में आरोपी के विरुद्ध चार्ज बनाया गया था. सुनवाई के दौरान आरोपी ने अपना जुर्म कबूल किया है. कोर्ट ने उसे जेल में बिताई गयी अवधि की सजा सुनाई है. साथ में 5 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है.