उत्तर प्रदेश के बलिया में यूपी-बिहार बॉर्डर पर पुलिस वसूली मामले के बाद विभाग सतर्क हो गया है. अब विभाग ऐसे थानों की पहचान करके लगातार कार्रवाई कर रहा है. बलिया व सीतापुर के बाद अब मिर्जापुर में अवैध वसूली के शिकायत के चलते अलग-अलग थानों से लगभग 30 सिपाहियों को पुलिस अधीक्षक ने लाइन हाजिर किया है. ये सभी सिपाही कई वर्षों से एक ही थाने पर जमे हुए थे.
मिर्जापुर पुलिस अधीक्षक की तरफ से जारी आदेश में कहा गया है कि संबंधित प्रभारी उपरोक्त मुख्य आरक्षी/आरक्षी को उनके नवनियुक्त स्थान के लिए रवाना करें. नियमों की अवहेलना पर जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
ट्रकों से हर दिन करते थे 5 लाख की वसूली
बलिया में यूपी-बिहार बॉर्डर पर पुलिसकर्मियों की तरफ से हर दिन 5 लाख रुपये की वसूली की जाती थी. इस पूरे वसूली रैकेट का खुलासा डीआईजी वैभव कृष्ण और वाराणसी रैंक के एडीजी ने ट्रक में खलासी बनकर किया था. इस पूरे मामले में नरही थाने के पुलिसकर्मियों की संलिप्तता पाई गई थी. जिसके बाद 2 पुलिसकर्मियों सहित 16 दलालों को गिरफ्तार किया गया था.
डीआईजी वैभव कृष्ण और वाराणसी रैंक के एडीजी के मुताबिक पुलिसकर्मी दलालों की मदद से हर दिन गुजरने वाले ट्रक से 500 रुपये की वसूली करते थे. ऐसे में यहां से हर दिन करीब 1000 ट्रक गुजरते थे और पुलिसकर्मियों की तरफ से हर दिन 5 लाख की उगाही की जाती थी.
अब तक इन जिलों में पुलिसकर्मियों पर हुई कार्रवाई
बलिया वसूली रैकेट के बाद पुलिस विभाग की तरफ से लगातार कार्रवाई की जा रही है. अब तक बलिया, सीतापुर, बाराबंकी, वाराणसी के कई थानों के पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की गई है. बताया जाता है इन थानों पर पिछले कई वर्षों से तैनात पुलिसकर्मियों का तबादला नहीं हुआ है.
(इनपुट- आशीष)