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प्रयागराज: एयरफोर्स इंजीनियर के मर्डर केस में पत्नी का दावा- ये लूट की घटना नहीं, टारगेट किलिंग

एयरफोर्स ऑफिसर की पत्नी ने बताया कि 14 मार्च की रात को भी उनके घर में घुसपैठ की कोशिश हुई थी लेकिन तब एसएन मिश्रा ने बदमाशों को वहां से भगा दिया था. इसके बाद उन्होंने वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारियों के सामने अपनी सुरक्षा का मुद्दा उठाया था लेकिन तब फोर्स ने विभागीय स्तर पर इस मामले को देखने की बात कही थी. 

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पत्नी ने पुलिस की थ्योरी पर उठाए सवाल
पत्नी ने पुलिस की थ्योरी पर उठाए सवाल

प्रयागराज में एयरफोर्स ऑफिसर एसएन मिश्रा की हत्या के मामले में अब नया मोड़ आया है. पुलिस के मुताबिक आरोपी सौरभ कुमार उस रात हाई सिक्योरिटी एरिया में चीफ इंजीनियर के घर चोरी की नीयत से दाखिल हुआ था और पहचान उजागर होने के डर से उसने एसएन मिश्रा की गोली मारकर हत्या कर दी. लेकिन मृतक के परिवार ने इस खुलासे को खारिज कर दिया है. उनकी पत्नी वत्सला मिश्रा की तरफ से इस मामले में जो जानकारी दी गई है वो बेहद चौंकाने वाली है.

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पुलिस अब तक इसे लूट के इरादे से की गई हत्या मान रही थी लेकिन शुक्रवार को मृतक की पत्नी वत्सला मिश्रा ने एक बयान जारी कर कहा कि उनकी पति की हत्या चोरी या लूटपाट के मकसद से नहीं बल्कि पूरी प्लानिंग के साथ की गई थी. प्रयागराज के बमरौली स्थित एयरफोर्स स्टेशन में 29 मार्च की रात एसएन मिश्रा की घर पर ही गोली मारकर हत्या कर दी गई थी.

पत्नी ने की निष्पक्ष जांच की मांग

एयरफोर्स में कमांडर वर्क्स इंजीनियर (CWE) के पद पर तैनात एसएन मिश्रा की पत्नी वत्सला ने इस मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है. उन्होंने कहा कि वायुसेना स्टेशन स्थित सरकारी आवास पर उनके पति की हत्या कर दी गई और इस वारदात से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल पैदा होते हैं, क्योंकि मिलिट्री एरिया होने की वजह से पूरा इलाका हाई सिक्योरिटी जोन है.

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एयरफोर्स ऑफिसर की पत्नी ने बताया कि 14 मार्च की रात को भी उनके घर में घुसपैठ की कोशिश हुई थी लेकिन तब एसएन मिश्रा ने बदमाशों को वहां से भगा दिया था. इसके बाद उन्होंने वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारियों के सामने अपनी सुरक्षा का मुद्दा उठाया था लेकिन तब फोर्स ने कैंपस की सुरक्षा बढ़ाने का भरोसा देते हुए विभागीय स्तर पर इस मामले को देखने की बात कही थी. 

लूट नहीं, टारगेट किलिंग की घटना

वत्सला मिश्रा की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि 29 मार्च की सुबह करीब 3 बजे एक बदमाश ने घर के दरवाजे की घंटी बजाई और खुद खिड़की के पीछे छिप गया. इसके बाद जब आवाज सुनकर वह और उनके पति दरवाजे की ओर बढ़े तो फिर बदमाश ने खिड़की से उनके पति को निशाना बनाकर गोली मार दी. गोली लगते ही उनकी मौत हो गई. मृतक की पत्नी ने दावा किया कि बदमाश को पता था कि उनके पति घर पर मौजूद हैं और वैसे भी घंटी बजाकर घर में चोरी करने कौन आता है.

मृतक की पत्नी ने कहा कि अगर बदमाश चोरी के इरादे से आता तो घंटी नहीं बजाता. उन्होंने कहा कि एसएन मिश्रा आमतौर पर काम से साइट विजिट या फिर कुछ विशेष कारणों से अपने पैतृक गांव जाते रहते थे. लेकिन तब कभी ऐसी घटना नहीं हुई, जब वह घर पर मौजूद थे, तभी बदमाश ने उनके पति को निशाना बनाया.

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वकील ने किए चौंकाने वाले खुलासे

उन्होंने कहा कि वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाश बेखौफ तरीके से आराम से घूमते हुए घर से निकले. उनके चेहरे पर एक सैन्य बेस में क्राइम करने का कोई डर नहीं था. वत्सला ने कहा कि यह वारदात किसी भी तौर पर चोरी या लूट की नहीं लगती बल्कि यह पूरी प्लानिंग से की गई टारगेट किलिंग की घटना है. वत्सला मिश्रा ने अपने बयान में कहा कि उनके पति ने पूरी ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और सम्मान के साथ 20 साल तक देश की सेवा की. अब उनकी हत्या के बाद हमें सच जानना है और उन्हें इंसाफ दिलाना है.

उधर, इंजीनियर के परिवार के वकील के मुताबिक कि पुलिस के खुलासे में झोल है और इंजीनियर का परिवार इस हत्या को सुपारी किलिंग मानता है. परिवार के लोगों को शक है कि आरोपी ने साइलेंसर लगी पिस्टल से गोली चलाई थी क्योंकि फायर की कोई आवाज़ नही सुनाई दी. जब इंजीनियर फर्श पर गिर पड़े तो उन्हें अहसास हुआ कि उन्हें गोली मारी गई है. पुलिस ने आरोपी की जो सीसीटीवी फुटेज तस्वीर जारी की उसमें वो अपना चेहरा ढंके हुए, कंधे पर बैक पैक है और एसएन मिश्रा की विंडो में पिस्टल ताने हुए है.

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सौरभ और उसके मां-बाप आरोपी

वकील ने सवाल उठाते हुए कहा कि मर्डर में अन्य आरोपी और सौरभ की मां सुनीता देवी और पिता शिव कुमार कैम्पस के कई घरों में काम करते थे. उन्हें अंदर की सभी गतिविधियों की जानकारी थी. लेकिन 23 से 26 मार्च तक जब घर में कोई मौजूद नही था, सब आउट स्टेशन थे तब आरोपी ने चोरी की कोशिश क्यों नहीं की. वह कहते हैं कि शूटर सौरभ कुमार दो बार उनके घर में चोरी की नीयत से नहीं बल्कि हत्या की नीयत से दाखिल हुआ था. पुलिस ने इस मामले में सौरभ के मां और बाप को भी आरोपी बनाया है. पुलिस के मुताबिक मां-बाप और बेटे ने मिलकर सौरभ के घर चोरी और लूट की साजिश रची थी.

पुलिस ने अपने खुलासे में दावा किया है कि आरोपी सौरभ कुमार और उसके मां-बाप को अपने दूसरे बेटे सनी की जमानत और पैरवी के लिए पैसों की जरूरत थी इसलिए उन्होंने इंजीनियर के घर चोरी की प्लानिंग की थी. सौरभ कुमार का भाई सनी हत्या के एक मामले में कौशाम्बी जेल में बंद है. पीड़ित के वकील ने बताया कि पुलिस का ये दावा भी सही नहीं लगता क्योंकि आरोपी खुद ढाई लाख रुपये की बाइक से चलता है और डेढ़ लाख रुपये का फोन इस्तेमाल करता है. उसने चीफ इंजीनियर के घर चोरी की नीयत से 50 हज़ार रुपये के हथियार की खरीद की थी.

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पुलिस की थ्योरी पर उठाए सवाल

उन्होंने कहा कि अगर आरोपी का मकसद सिर्फ चोरी करना ही था तो उसने देश के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले सेंट्रल एयर कमांड के बमरौली एयरबेस कंपाउंड को ही क्यों चुना, जहां वो इतना रिस्क लेकर दो-दो बार कैसे दाखिल हुआ. पहली बार के बाद घर के लोग अलर्ट थे लेकिन वो दोबारा दाखिल हुआ. पुलिस के मुताबिक आरोपी बाउंड्री से लगे पेड़ पर चढ़ कर कैम्पस में दाखिल हुआ था.

इंजीनियर की हत्या के बाद आनन-फानन में पुलिस 3 दिन के अंदर हत्याकांड का खुलासा कर अपनी पीठ थपथपा लेती है. लेकिन अब जिस तरह के सवाल इंजीनियर के परिवार ने उठाए हैं, उससे पुलिस की थ्योरी पर सवाल उठ रहे हैं. परिवार के करीबी सूत्र बताते हैं कि एसएन मिश्रा एयर फोर्स सिविल वर्क्स के चीफ इंजीनियर थे और उन्होने हाल में कई कांट्रेक्टर के काम रद्द किए थे जो उनसे नाराज़ चल रहे थे. उनमें से किसी कांट्रेक्टर ने सौरभ कुमार को 10 से 15 लाख रुपये की सुपारी देकर उनकी हत्या करवाई है. वहीं इस मामले में डीसीपी अभिषेक भारती के मुताबिक अभी हर बिंदु पर मामले की जांच चल रही है और परिवार ने भी जो बात रखी है उस पर भी हम जांच करेंगे. 

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