समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सुल्तानपुर एनकाउंटर को लेकर बड़ा बयान दिया है. अखिलेश ने कहा कि मंगेश यादव का एनकाउंटर नहीं बल्कि हत्या हुई है. उन्होंने कहा कि रात में पुलिस आई और मंगेश को उठाकर ले गई. यहां एनकाउंटर करने के लिए भी रणनीति बनाई जाती है.
अखिलेश ने कहा कि यूपी में अन्याय की सीमा टूट गई है. एनकाउंटर को लेकर झूठी कहानी पढ़ी जा रही है. कोई ऐसा व्यक्ति नहीं है, जो ये ना जानता हो कि यूपी में फेक एनकाउंटर नहीं हो रहे हैं. हत्या की जा रही हैं. मंगेश यादव की हत्या हुई है. गांव के लोग जानते हैं कि मंगेश को पुलिस-एसटीएफ रात में उठाकर ले गई. सोचिए कैसी कहानी गढ़ी गई कि उसके पास नया अमेरिकन टूरिस्ट का बैग था. जब बैग खोला गया तो उसमें शोरूम से खरीदे हुए नए कपड़े मिले. जो बाइक मिली, सुनने में आया है कि बाइक चोरी हुई थी कई दिनों बाद उसकी एफआईआर लिखी गई थी.
सुल्तानपुर में लूट, रायबरेली में बंटवारा... कमरा नंबर 404 था बदमाशों का ठिकाना!
यूपी को फर्जी एनकाउंटर की राजधानी बना दिया: अखिलेश
सपा मुखिया ने कहा, "इन लोगों को उसके घर-परिवार के लोगों का, मां का दर्द नहीं समझ आ रहा है. बहन के आंसू नहीं समझ आ रहे हैं. सोचिए कैसा दिमाग है इनका, सरकार ने कैसी होशियारी दिखाई कि चप्पल में एनकाउंटर कर दिया. कौन तस्वीर देखकर नहीं बता सकता है कि ये झूठा एनकाउंटर हुआ था. ये पहला झूठा एनकाउंटर नहीं था यूपी का. तमाम एनकाउंटरों पर उंगली उठी हैं. जिस समय पहला एनकाउंटर नोएडा में हुआ था उस समय भी हमने कहा था कि ये पुलिस वालों ने लूटने, दबाव बनाने के लिए हत्या का प्रयास किया है. उस पर भी कार्रवाई न हीं हुई है. अबतक जितनी भी एनकाउंटर और हत्याएं हुई हैं. सबसे ज्यादा पीडीए परिवार के लोगों की हत्या की है सरकार ने. हम लोग न्याय दिलाुने के लिए सदन से लेकर संघर्ष के बीच भी जाना पड़ेगा तो पीछे नहीं हटेंगे. बीजेपी ने यूपी को फर्जी एनकाउंटर की राजधानी बना दी है."
सुल्तानपुर के सर्राफा की दुकान में डकैती करने वाले 4 बदमाश अरेस्ट, एक-एक लाख का था इनाम
अधिकारी हत्या की रणनीति बनाते हैं: सपा चीफ
अखिलेश यादव ने कहा कि नकारात्मक दिल वाले और दिमाग वाले विनाश कर सकते हैं विकास नहीं कर सकता और फिर जो हार्टलैश है, उससे उम्मीद ही क्या करें. हालांकि वो वीडियो हम नहीं चलाना चाहते हैं, वो उचित नहीं है.
उन्होंने आगे कहा कि अगर दिमाग होता तो चप्पल में एनकाउंटर नहीं करते. इसलिए जहां ये सरकार लूट कर रही है. वहीं एनकाउंटर कर डराना चाहती है. केवल बदनाम करने के लिए जानबूझकर ढूंढ कर कौन है, किसको एनकाउंटर किया जाए, वो भी अधिकारी बैठकर रणनीति बनाते हैं. जो रातभर बैठकर रणनीति बनाते हैं, उनसे क्या न्याय की उम्मीद करेंगे. रणनीति इसी बात की बनाते हों कि कैसे हत्या करके न पकड़ें जाएं, तो क्या उम्मीद करेंगे.