समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मिल्कीपुर उपचुनाव को जनता और प्रशासन के बीच सीधा मुकाबला करार देते हुए इसे सिर्फ चुनाव नहीं, बल्कि एक चुनौती बताया. सोमवार को चुनाव प्रचार के अंतिम दिन एक जनसभा को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि मिल्कीपुर उपचुनाव उत्तर प्रदेश की राजनीति के भविष्य के लिए एक मजबूत संदेश देगा.
चुनाव टाला गया: अखिलेश यादव
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि बीजेपी ने हार के डर से मिल्कीपुर उपचुनाव को जानबूझकर टाल दिया. उन्होंने कहा, 'यह सिर्फ चुनाव नहीं, बल्कि एक चुनौती है. बीजेपी को पता था कि मिल्कीपुर की जनता समाजवादी पार्टी का साथ नहीं छोड़ेगी, इसलिए उन्होंने चुनाव को पहले नहीं होने दिया. लेकिन जो चुनाव से भागते हैं, उन्हें जनता के फैसले का सामना करना पड़ेगा.'
सरकार पर साधा निशाना
पूर्व मुख्यमंत्री ने बीजेपी सरकार पर विभाजनकारी राजनीति करने और असली मुद्दों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया. उन्होंने प्रयागराज में हो रहे महाकुंभ के आयोजन पर भी सवाल उठाए और प्रशासन पर अव्यवस्था और हादसों की सही जानकारी छिपाने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा, 'वे कहते हैं कि करोड़ों लोगों ने महाकुंभ में स्नान किया, लेकिन हादसों में जान गंवाने वालों की सही संख्या तक नहीं बता पा रहे. मुख्यमंत्री कहते हैं कि वह सुबह 3 बजे उठकर व्यवस्थाओं की निगरानी करते हैं, लेकिन जब हादसा हुआ, तब वे कहां थे?'
अयोध्या की जनता दे चुकी है संदेश
अखिलेश यादव ने 2024 लोकसभा चुनाव में फैजाबाद सीट से सपा उम्मीदवार अवधेश प्रसाद की जीत का जिक्र करते हुए कहा कि अयोध्या की जनता पहले ही सांप्रदायिक राजनीति को नकार चुकी है. उन्होंने कहा, 'बीजेपी ने अयोध्या में सांप्रदायिक माहौल बनाने की कोशिश की, लेकिन वहां की जनता समाजवादी पार्टी के साथ खड़ी रही. अब मिल्कीपुर से एक और मजबूत संदेश जाएगा.'
5 फरवरी को मतदान, 8 को आएंगे नतीजे
मिल्कीपुर उपचुनाव 5 फरवरी को होगा और नतीजे 8 फरवरी को घोषित किए जाएंगे. इस चुनाव में समाजवादी पार्टी और बीजेपी के बीच कड़ा मुकाबला है, दोनों दलों ने अपने वरिष्ठ नेताओं को प्रचार में उतारा है.