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छात्राओं के नाम से फर्जी लेटर... AMU प्रोफेसर को फंसाने के लिए झूठी शिकायतें दे रहा था कलीग, सस्पेंड

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में एक प्रोफेसर को एक अन्य प्रोफेसर के खिलाफ महिलाओं और छात्राओं के नाम से झूठी शिकायतें देने के लिए निलंबित कर दिया गया है. बार- बार शिकायतें मिलने पर यूनिवर्सिटी प्रशासन ने पुलिस में कंप्लेन की तो खुफिया तरीके से जांच शुरू की गई जिसमें सारा खुलासा हुआ.

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AMU प्रोफेसर को फंसाने के लिए झूठी शिकायतें दे रहा था कलीग, सस्पेंड
AMU प्रोफेसर को फंसाने के लिए झूठी शिकायतें दे रहा था कलीग, सस्पेंड

उत्तर प्रदेश की अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी नए-नए विवादों को लेकर सुर्खियों में बनी रहताी है. एक बार फिर अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय का नाम एक प्रोफेसर के द्वारा की गई झूठी शिकायत के बाद चर्चाओं में आ गया है. यहां प्रोफेसर के द्वारा अपने ही सहयोगी दूसरे प्रोफेसर की झूठे नाम से शिकायत की जा रही थी. मामले में बड़ा खुलासा हुआ तो दूध का दूध और पानी का पानी हो गया. हैरानी की बात ये है कि ये शिकायत महिलाओं के नाम से की जा रही थी.

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आरोपी प्रोफेसर के द्वारा एक शिकायत पुलिस से भी की गई थी. पुलिस ने मामले को गंभीर समझते हुए जांच पड़ताल की तो सच सामने आया. पुलिस ने जब प्रोफेसर को मौके पर बुलाया तो पूरे मामले में अजीबोगरीब खुलासा हुआ जिसमें आरोपी ने सारा सच कबूल लिया. इसके बाद अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय प्रशासन को इसकी सूचना दी गई.

यूनिवर्सिटी प्रशासन ने प्रोफेसर को नोटिस जारी किया और जवाब मांगा लेकिन जवाब नहीं आया तो आरोपी प्रोफेसर को निलंबित कर दिया गया. साथ ही उन्हें जांच पूरी ना हो जाने तक जिला ना छोड़ने की चेतावनी दी गई. इधर, दूसरे प्रोफेसर(जिसके खिलाफ शिकायत की जा रही थी) को जवाब देने के लिए नोटिस जारी किया गया है.

स्थानीय थाना पुलिस के द्वारा सीसीटीवी फुटेज की जांच में पाया कि 50 साल के प्रोफेसर रियाजुद्दीन ने पिछले साल महिला व छात्राओं व छात्रों के नाम का गलत इस्‍तेमाल करते हुए कई बार अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के अलग अलग अधिकारियों को करीब दो दर्जन से अधिक शिकायत पत्र भेजे थे। शिकायत में उन्होंने 40 साल के कलीग प्रोफेसर इशात मोहम्मद खान पर छात्राओं को परेशान करने, उनको प्रत्याड़ित करने व अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय का नाम बदनाम करने का आरोप लगाया था। 

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जब ये शिकायतें हर रोज एएमयू के अलग अलग विभागों में पहुंचने लगीं तो एएमयू प्रशासन ने पुलिस का सहारा लिया. पुलिस ने चिट्ठियों का पता लगाने के लिए एक गुप्त अभियान शुरू किया। पुलिस ने सीसीटीवी की निगरानी शुरू कर दी. इसमें पाया गया कि रसायन विभाग के प्रोफेसर रियाजुद्दीन हर रोज डाकघर जाकर झूठे शिकायत पत्र भेज रहे थे। इसको लेकर पूरे मामले की सूचना एएमयू प्रशासन को दी गई. प्रशासन ने प्रोफेसर के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उनको निलंबित कर दिया है.

AMU प्रॉक्टर वसीम अली ने जानकारी देते हए बताया रसायन विभाग के प्रोफेसर के द्वारा दूसरे प्रोफेसर की गलत तरीके से शिकायत की जा रही थी. इसको लेकर उनसे जवाब मांगा गया था. प्रोफेसर के द्वारा कोई  संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया, जिसके चलते उन्हें निलंबित कर दिया है पूरे मामले की जांच पड़ताल की जा रही है. इसके बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी.

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