इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में छात्र की पैंट उतरवाकर पिटाई के मामले में एक्शन लिया गया है. छात्र की पिटाई के आरोपी चीफ प्रॉक्टर प्रोफेसर राकेश सिंह को हटा दिया गया है. मामले में कुलपति ने एक उच्चस्तरीय जांच कमेटी भी गठित की है. इस जांच कमेटी के अध्यक्ष वनस्पति विभाग के अध्यक्ष प्रो. शिवमोहन प्रसाद व संयोजक असिस्टेंट रजिस्ट्रार सुनील कुमार यादव हैं.
ये कमेटी पीड़ित छात्र की पिटाई के मामले की जांच करेगी. कमेटी को एक महीने के अंदर जांच पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं. जांच रिपोर्ट आने तक भौतिकी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर केएन उत्तम कार्यवाहक चीफ प्रॉक्टर का दायित्व संभालेंगे.
गौरतलब है कि पिटाई के मामले में इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के छात्र 29 जनवरी से लगातार आंदोलन कर रहे थे. जिसके चलते आखिरकार कुलपति प्रो. संगीता श्रीवास्तव ने चीफ प्रॉक्टर प्रोफेसर राकेश सिंह को हटा दिया है. राकेश सिंह पर छात्र अभिषेक गुप्ता की पैंट उतरवाकर पिटाई का है आरोप है.
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छात्रों ने धरना-प्रदर्शन स्थगित किया
चीफ प्रॉक्टर पर एक्शन के बाद धरने पर बैठे छात्रों ने कुलपति के प्रति आभार जताया है. साथ ही उम्मीद भी जताई है कि निष्पक्ष जांच की जाएगी जिससे छात्रों को न्याय मिलेगा. फिलहाल, छात्रों ने अभी अपने प्रदर्शन को स्थगित कर दिया है, वो भी इस मांग के साथ कि अगर आरोपियों के खिलाफ सही तरीके से जांच नहीं हुई और सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो एक बार फिर से आंदोलन शुरू किया जाएगा.
मालूम हो कि 30 जनवरी की रात को छात्र अभिषेक गुप्ता की पिटाई का आरोप लगाते हुए सैकड़ों विद्यार्थियों ने यूनिवर्सिटी में जमकर हंगामा किया था. छात्रों ने आरोपी प्रॉक्टर और हॉस्टल के सहायक अधीक्षक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी. इसको लेकर लाइब्रेरी गेट के सामने चक्का जाम कर दिया गया था. पुलिस फोर्स ने छात्रों को समझाने की कोशिश की थी लेकिन उनका प्रोटेस्ट जारी रहा.
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हालांकि, तब इलाहाबाद यूनिवर्सिटी प्रशासन मारपीट के आरोपों से इनकार किया था. सात ही छात्र के खिलाफ ही केस दर्ज करने के लिए पुलिस को तहरीर दी थी. इस मामले में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी रिएक्ट किया था.
दरअसल, एमए लास्ट ईयर के छात्र अभिषेक गुप्ता ने आरोप लगाया था कि उसे प्रॉक्टर कार्यालय में बुलाया गया. बुलाने वाले एसएसएल हॉस्टल के अधीक्षक थे. प्रॉक्टर कार्यालय में उसके साथ मारपीट की गई. आरोप यह भी लगाया गया कि इस दौरान उसके कपड़े भी उतरवा दिए गए. जिसको लेकर दूसरे छात्रों का गुस्सा भड़क उठा था.