एसडीएम ज्योति मौर्य और उनके पति आलोक मौर्य के बीच विवाद चर्चा में है. ज्योति और आलोक ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप जड़े हैं. आलोक ने कहा है कि ज्योति एक व्यक्ति के साथ अफेयर चल रहा है, इस वजह से अब वह मेरे साथ नहीं रहना चाहतीं. वहीं ज्योति ने शादी का कार्ड सामने लाकर कहा है कि शादी के समय सफाईकर्मी पति को ग्राम पंचायत अधिकारी बताया गया था. झूठ बोलकर शादी की गई थी.
ज्योति और आलोक के विवाद को लेकर सोशल मीडिया पर पोस्ट और कमेंट्स की बाढ़-सी आ गई है. कई पोस्ट में ये भी दावा किया जा चुका है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाली पत्नियों को कई लोग घर वापस बुला चुके हैं.
आलोक के पिता बोले- ज्योति जो भी कदम उठा रहीं, वो गलत
इन सब बातों को जानने के लिए टीम जब आलोक मौर्य के गांव बछवल पहुंची, तो वहां आलोक के पिता मुरारी मौर्य और गांव के लोगों ने अपने-अपने तरीके से इस विवाद की निंदा की. गांव के लोगों के साथ ही आलोक के पिता मुरारी मौर्य ने कहा कि ज्योति मौर्य जो भी कदम उठा रही हैं, वह गलत हैं. दो बच्चे हैं, उनके जीवन का क्या होगा. गांव के नरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि आलोक ने कई साल तक अपनी मेहनत की कमाई खर्च पर ज्योति को पढ़ाया, इस काबिल बनाया. अब अगर उसके साथ ऐसा होता है तो सामाजिक दृष्टि से ये बेहद गलत है.
'लोग बहुओं की पढ़ाई पर सवाल उठाने लगे हैं'
लोगों ने कहा कि आलोक मौर्य और उनके पिता मुरारी मौर्य ने जिस तरह से संसाधन जुटाकर ज्योति मौर्य को प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कराई, ऐसे में उनका क्या होगा. आने वाले समय में बहुओं को पढ़ाने पर प्रश्नचिन्ह उठने लगे हैं.
गांव वालों से बातचीत में जब पूछा गया कि क्या शादी के कार्ड पर सफाईकर्मी को ग्राम विकास अधिकारी लिखा गया. इसके जवाब में गांव वालों ने कहा कि गांव में किसी भी कार्ड पर किसी पद का जिक्र नहीं था. हमारे गांव में आलोक की शादी के कार्ड में सिर्फ आलोक का ही नाम लिखा था. जिस कार्ड की चर्चा हो रही है, वह कार्ड खुद लड़की वालों ने बांटा था, जिसका उन्हें संज्ञान भी नहीं है.
शादी के कार्ड को लेकर ज्योति मौर्य के पिता ने क्या कहा?
बता दें कि SDM ज्योति मौर्य के पिता पारसनाथ मौर्य ने कहा है कि ज्योति की शादी के समय आलोक के परिजनों की ओर से जानकारी दी गई थी कि आलोक ग्राम पंचायत अधिकारी है. शादी के कार्ड पर भी छपवाया गया था, जबकि आज आलोक खुद कह रहा है कि वह चतुर्थ श्रेणी का कर्मचारी है, सफाईकर्मी है. इन लोगों ने झूठ बोलकर धोखा किया था.
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मेघनगर तहसील का बछवल गांव इन दिनों सुर्खियों में है. दरअसल, मामला पीसीएस अधिकारी का है. इस गांव के रहने वाले आलोक मौर्य की शादी वाराणसी के चिरईगांव की रहने वाली ज्योति मौर्य से हुई थी. साल 2010 में ज्योति मौर्य ने पहले शिक्षक का पद हासिल किया, इसके बाद साल 2016 में पीसीएस अफसर बन गईं. साल 2016 से लेकर 2022 तक पति पत्नी के संबंध ठीक-ठाक रहे. इस दौरान ज्योति के दो बेटियां हुईं, जिनका पालन पोषण अच्छे से चल रहा है.
2023 की शुरुआत से दोनों के बीच हो रहा विवाद
साल 2023 की शुरुआत से उपजा विवाद सुर्खियों में है. ज्योति के पति आलोक कुमार ने आरोप लगाया है कि उनकी पत्नी ज्योति मौर्य उनके साथ वैवाहिक जीवन से हटकर दूसरे व्यक्ति के साथ जीवनयापन करना चाहती हैं. इसको लेकर जब आलोक मौर्य ने विरोध किया तो उसका जवाब भी ज्योति मौर्य ने अपने तरीके से देते हुए इस प्रकरण पर सवाल खड़े कर दिए.