यूट्यूब पर रील्स या वीडियो देखकर आप सोचते होंगे कि लोग सिर्फ अपना मनोरंजन करते हैं! लेकिन ऐसा नहीं है. यूट्यूब पर एक्शन रील्स देखकर हमारे युवा गलत कदम भी उठा रहे हैं. इसका एक उदाहरण उत्तर प्रदेश के कानपुर में देखने को मिला. यूट्यूब पर REELS देखकर एक आईटीआई छात्र हाथ में तमंचा, बोरे सिलने वाला सूजा, सब्जी काटने वाला चाकू और सर्जिकल ब्लेड लेकर साइकिल से ही बैंक लूटने पहुंच गया.
खास बात यह है कि छात्र अपने साथ जो तमंचा ले गया था, उसकी नाल में मिट्टी भरी थी. यानी उससे फायर भी नहीं हो सकता था. साथ में गोली भी नहीं थी. सर्जिकल ब्लेड भी कहीं रास्ते से उठाए गए थे, क्योंकि उनमें जंग लगी थी. सूजा और सब्जी वाला चाकू घर से लिया था.
इस युवक को यह अंदाजा भी था कि बैंक में पहले से ही बंदूकधारी गार्ड मौजूद हैं, फिर भी वह बाहर साइकिल खड़ी करके सीधे अंदर घुस गया और जब गार्ड ने जब रोका-टोका तो युवक ने सर्जिकल ब्लेड से गार्ड के ऊपर हमला कर दिया. देखें Video:-
बीते शनिवार को सुबह 10 बजे कानपुर के घाटमपुर पतारा स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में यह पूरा घटनाक्रम हुआ. एक युवा सिर तक ढंकने वाली जैकेट पहनकर बैंक में घुसा. इस दौरान बैंक के गार्ड सुशील कुमार ने जब उसको रोकने की कोशिश की तो युवक ने सीधे चाकू से हमला कर दिया. गार्ड पर हमला देखकर बैंक मैनेजर वीरेंद्र प्रताप सिंह और दूसरे कर्मचारी दौड़े-दौड़े आए तो उन पर भी युवक ने ब्लेड से वार कर दिया.
हालांकि, जैसे तैसे बैंककर्मियों ने युवक को पीटकर वहीं जमीन पर गिरा दिया और रस्सियों से बांध दिया. एक अन्य गार्ड ने बंदूक के बट से युवक को काबू में किया. इस दौरान बैंक के मैनेजर वीरेंद्र, गार्ड सुशील के साथ कैशियर भी घायल हो गए. युवक भी घायल हो गया था. पुलिस के पहुंचने पर सभी को अस्पताल में भर्ती कराया गया.
पुलिस ने जांच की तो पता चला कि युवक बैंक में एक तमंचा, दो सर्जिकल ब्लेड और एक सूजा लेकर आया था. तमंचे की नाल में मिट्टी भरी हुई थी. हथियार को देखकर लगा कि जमीन में दबा हुआ था. तमंचे के साथ उसके पास गोली नहीं थी. सर्जिकल ब्लेड्स में भी जंग लगी थी यानी वो कूड़े से उठाए गए थे और सूजा शायद वह घर से उठाकर लाया था.
अस्पताल में होश आने पर जब युवक से पुलिस ने पूछताछ की तो पता चला उसका नाम लविश मिश्रा है और वह घाटमपुर के पास धर्मपुर गांव का रहने वाला है. उसके पिता अवधेश मिश्रा किसान हैं. परिवार गरीब है. खेती किसानी भी ज्यादा नहीं है. फिर भी अवधेश मिश्रा अपने बेटे लविश मिश्रा को अच्छी पढ़ाई दिला रहे थे. वह बीएससी फाइनल ईयर का छात्र था. इसके साथ-साथ आईटीआई भी कर रहा था.
लविश मिश्रा के घरवालों ने बताया कि वह मोबाइल पर रील बहुत देखता था. खुद अपनी भी रील बनाता था. वह अपनी यूट्यूब चैनल शुरू करना चाहता था, लेकिन फिर शुरू नहीं कर पाया. अस्पताल में रात को होश आने पर पुलिस ने जब लविश से पूछताछ शुरू की तो वह रोने लगा.
आरोपी युवक ने कोई नशा नहीं किया. कभी उसका कोई आपराधिक रिकार्ड भी नहीं है. बस, वह अपनी बात का जिद्दी था. जब पुलिस ने पूछा वह बैंक लूटने क्यों पहुंचा? गार्ड और मैनेजर सभी पर हमला क्यों किया? तमंचा कहां से लाया? सर्जिकल ब्लेड कहां से लाया? उसने कुछ बताया नहीं. बस रोने लगा.
एडीसीपी महेश कुमार का कहना है कि युवक अभी अवसाद में है. वह पूरी तरह सामान्य हो जाए, तब सवालों का जवाब लिया जाएगा. अभी उससे कुछ पूछा जाता है तो रोने लगता है. वह रील बनाने का शौकीन है. ऐसे में यह भी संभावना हो सकती है कि वह अपनी रील बनाने के चक्कर में बैंक गया हो, क्योंकि जो तमंचा वह ले गया था, उसकी नाल में मिट्टी भरी थी. उससे फायर नहीं हो सकता थाऔर उसके पास कोई कारतूस भी नहीं था.
इतना जरूर है कि सर्जिकल ब्लेड से बैंककर्मियों पर हमला किया. ऐसे में उसकी पूरी मंशा क्या थी? लूटने का इरादा था या रील बनाने का था? या कुछ और? यह उसके पूरे बयान लेने के बाद ही पता चल पाएगा.
घरवालों से पूछताछ में एक बात और पता चली है कि लविश सुबह घर से साइकिल से अपनी कुलदेवी के मंदिर जाने को निकाला था. ऐसे में यह तमंचा वह कहां से लाया? ब्लेड कहां से लाया? यह सब बात अभी उसने बताई नहीं है. इतना जरूर है कि यह घटना उसने यूट्यूब पर देखकर ही अंजाम दी. यह उसने कबूल किया है.
उधर, बैंक के घायल मैनेजर, कैशियर और गार्ड का अभी हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है. तीनों की हालत खतरे से बाहर है.