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'खून निकल रहा था, ऐसा लग रहा था...,' असद और गुलाम को सबसे पहले देखने वाले डॉक्टर की जुबानी

मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर का कहना है कि असद और गुलाम को 1 बजकर 10 मिनट पर लाया गया था. जहां बुलेट इंजरी थी, वहां से फ्रेश ब्लड निकल रहा था और क्लॉटिंग नहीं हुई थी. 15 से 20 मिनट मेडिकल एग्जामिनेशन करने के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया गया था.

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एनकाउंटर में मारे गए गुलाम मोहम्मद और असद अहमद की फाइल फोटो.
एनकाउंटर में मारे गए गुलाम मोहम्मद और असद अहमद की फाइल फोटो.

यूपी एसटीएफ ने गुरुवार को माफिया अतीक अहमद के बेटे असद अहमद और उसके साथी शूटर मोहम्मद गुलाम को झांसी में एनकाउंटर में मार गिराया था. इसके बाद पुलिस दोनों के शव लेकर झांसी मेडिकल कॉलेज पहुंची थी. यहां असद और गुलाम को सबसे पहले डॉक्टर नरेंद्र सेंगर ने देखा और मेडिकल एग्जामिनेशन किया था. उन्होंने बताया है कि दोनों को किस हालत में लाया गया था.

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मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर (Doctor of Medicine) नरेंद्र सेंगर का कहना है कि असद और गुलाम को 1 बजकर 10 मिनट पर लाया गया था. पीठ से खून निकल रहा था. देखने में ऐसा लग रहा था कि गुलाम को 1 और असद को 2 गोलियां लगी थीं. तुरंत ही दोनों को सीपीआर दिया गया और फ्लूड लगाए. 

'इससे पता चलता है कि एनकाउंटर कुछ देर पहले ही हुआ था'

कहा कि जहां बुलेट इंजरी थी, वहां से ब्लड निकल रहा था और क्लॉटिंग नहीं हुई थी. इससे पता चलता है कि एनकाउंटर कुछ देर पहले ही हुआ था. दोनों का 15 से 20 मिनट मेडिकल एग्जामिनेशन करने के बाद मृत घोषित कर दिया गया था. 3 डॉक्टर्स के एक पैनल ने शवों का पोस्टमार्टम किया है, जिसकी रिपोर्ट आनी है.

'पता चला कि दोनों मोटरसाइकिल से पारीछा की तरफ गए हैं'

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दोनों के एनकाउंटर को लेकर पुलिस का कहना है कि मुखबिर ने चिरगांव में असद और गुलाम के बुधवार रात को देखे जाने की सूचना दी थी. कहा था कि वे अगले दिन भी वहीं पर मौजूद हो सकते हैं. इस पर टीम चिरगांव पहुंची. इस दौरान पता चला कि दोनों मोटरसाइकिल से पारीछा की तरफ गए हैं. 

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इसके बाद उनका पीछा किया गया. टीम ने जब उनसे रुकने के लिए कहा तो उन्होंने फायरिंग शुरू कर दी. इसके जवाब में एसटीएफ की टीम ने भी फायरिंग की. थोड़ी देर में सामने से फायरिंग रुक गई. इसके बाद जवान नजदीक दोनों के नजदीक पहुंचे तो देखा कि दोनों को गोली लगी थी और कराह रहे थे. आनन-फानन दोनों को एंबुलेंस से मेडिकल कॉलेज लाया गया, जहां दोनों की मौत हो गई.

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पुलिस के मुताबिक, असद को जिंदा पकड़ने की कोशिश की गई थी. पुलिस ने सरेंडर करने के लिए कहा था. मगर, उसने और गुलाम ने फायरिंग कर दी. बता दें कि असद अहमद का शव आज देर रात तक प्रयागराज पहुंच सकता है. जिसे कल दफनाया जाएगा.

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कसारी-मासरी इलाके में स्थित कब्रिस्तान में कब्र खोदी गई है. अतीक के माता-पिता की कब्र के पास ही असद को दफनाया जाएगा. गुलाम को भी इसी कब्रिस्तान में दफन किया जाएगा. गौरतलब है कि असद और गुलाम 24 फरवरी को प्रयागराज में हुए उमेश पाल हत्याकांड में आरोपी थे. 

 

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