माफिया अतीक अहमद के बेटे असद और अतीक के शूटर मोहम्मद ग़ुलाम को यूपी एसटीएफ ने कल झांसी के बड़ागांव थाना इलाके में मार गिराया. एसटीएफ ने बताया कि दोनों अपराधियों को सरेंडर करने के लिए कहा गया तो उन्होंने गोली चला दी और आत्मरक्षा में पुलिस ने गोली चलाई और दोनों अपराधी मारे गए.
इस एनकाउंटर के बाद असद और गुलाम के शव का कल देर रात पोस्टमार्टम किया गया. आज दोनों का शव प्रयागराज लाया जाएगा. असद और ग़ुलाम के शव परिजनों के सुपुर्द नहीं होंगे. दोनों शव पुलिस ख़ुद प्रयागराज लेकर आएगी और यहां अपनी निगरानी में सुपुर्द-ए-ख़ाक करायेगी. क़ानून व्यवस्था की स्थितियां न बिगड़ें इसके लिए यह व्यवस्था की गई है.
असद और गुलाम के एनकाउंटर पर उठे रहे सवालों के बीच गुलाम के परिजनों ने यूपी पुलिस की तारीफ की है. गुलाम की मां खुशनुदा और भाई राहिल ने कहा कि यूपी एसटीएफ ने कुछ गलत नहीं किया, एनकाउंटर की कार्रवाई सही है, अगर कोई इस तरह का कार्य करता है तो आप उसका समर्थन कैसे कर सकते हैं?
मां बोलीं- हम नहीं लेंगे गुलाम का शव
इस बीच शूटर गुलाम की मां खुशनुदा ने कहा, 'जितने भी गंदा काम करने वाले हैं वह ज़िंदगी भर याद रखेंगे, हमारे हिसाब से (UP-STF ने) गलत नहीं किया, तुमने किसी को मारकर गलत किया और जब तुम्हारे पर कोई आया तो हम उसको गलत कैसे कहें?... मैं शव को नहीं लूंगी, उसकी पत्नी का उन पर हक है, मैं उसको मना नहीं कर सकती.'
भाई बोला- एनकाउंटर की कार्रवाई सही है
असद और गुलाम के एनकाउटंर पर गुलाम के भाई राहिल ने कहा, 'सरकार की तरफ से एनकाउंटर की कार्रवाई सही है, उन्होंने बहुत जघन्य कार्य किया है जिसका हम समर्थन नहीं करते, हम उनका शव लेने नहीं जाएंगे, हमने थानाध्यक्ष को अपनी बात बता दी है, अगर कोई इस तरह का कार्य करता है तो आप उसका समर्थन कैसे कर सकते हैं?'
कैसे हुआ एनकाउटंर?
उत्तर प्रदेश एसटीएफ के मुखबिर ने सूचना दी कि झांसी के पारीछा में उमेश पाल हत्याकांड का बमबाज आरोपी गुड्डू मुस्लिम, सतीश पांडेय नाम के शख्स के घर में छिपा हुआ है. एसटीएफ की टीम मौके पर दबिश देने पहुंची तब तक गुड्डू मुस्लिम निकल चुका था. तभी पुलिस को अतीक के बेटे असद और शूटर ग़ुलाम के भी झांसी के आसपास मौजूद होने की खबर मिली.
फौरन एसटीएफ के सोर्स एक्टिव हो गए और दोनों की लोकेशन का पता चल गया. एसटीएफ की टीम 2 कार में सवार होकर असद की तलाश में निकल पड़ी थी. एसटीएफ को मुखबिर ने पूरा हुलिया बता दिया था. असद और गुलाम काले और लाल रंग की एक बाइक पर निकले हैं. असद सफेद रंग के पठान सूट और काली टोपी में है. गुलाम गहरे हरे रंग की हाफ टीशर्ट, फुल लोअर और सिर पर रुमाल बांधे है. इतना पुख्ता हुलिया मिलते ही एसटीएफ की टीम दोनों को तलाशने लगी.
एसटीएफ की टीम को पारीछा बांध मोड़ के करीब 100 मीटर पहले हुलिये से मिलती जुलती बाइक और दो बाइक सवार दिखे. एसटीएफ उनके पीछे लग गई. बाइक की रफ्तार तेज हो गई. एसटीएफ की कार भी तेज़ी से भागने लगी. आगे आगे असद और गुलाम भाग रहे थे. पीछे पीछे एसटीएफ की कार दौड़ रही थी. पक्की सड़क का हिस्सा ख़त्म होने वाला था. अब तक पुलिस करीब डेढ़ किलोमीटर तक दोनों का पीछा कर चुकी थी, लेकिन बाइक पर सवार असद और गुलाम रुकने को तैयार नहीं थे.
दोनों ने अपनी बाइक कच्चे रास्ते की ओर मोड़ दी थी. वो कच्चे रास्ते पर भी करीब सौ मीटर तक भाग चुके थे. ये वो इलाका था, जहां पारीछा पावर प्लांट से निकली हुई राख का भी स्टॉक किया जाता है. सड़क के दाईं ओर के हिस्से में ऐश पॉन्ड था यानी पावर प्लांट ने निकली बारीक राख जो काफी फिसलन भरी होती है. तभी दोनों की बाइक फिसलकर सड़क के बाईं ओर के इस गड्ढेनुमा इलाके में गिर गई. एसटीएफ के मुताबिक, इसी जगह पर असद और गुलाम ने भौगोलिक स्थिति की आड़ लेते हुए पुलिस पर गोलियां चलानी शुरू कर दी.
एसटीएफ ने बताया है कि असद और गुलाम को पहले पुलिस ने जिंदा पकड़ने की कोशिश की लेकिन जब दूसरी तरफ से ताबड़तोड़ फायरिंग होने लगी तो पुलिस ने भी गोली चलाई और दोनों ढेर हो गए.