सरकार कितनी भी सख्ती कर ले और लड़कियां कितना भी पढ़-लिख जाए, लेकिन लालची दूल्हों की दहेज लोभी प्रवृत्ति अभी भी जारी है. कानपुर में एक दूल्हे ने स्टेज पर ठीक जयमाल के समय ही दुल्हन से दो लाख दहेज की डिमांड कर दी. दुल्हन ने जब किसका विरोध किया तो दूल्हे और उसके घर वालों ने दुल्हन और उसके परिवार की जमकर पिटाई कर दी.
इसके बाद दो लाख रुपये ना मिलने पर दूल्हा बारात वापस लेकर चला गया. पुलिस ने भी मौके पर जांच शुरू कर दी है. कानपुर में एक पढ़ी-लिखी लड़की की 11 मई को शादी थी. पूरे धूमधाम से सारा फंक्शन कर रहा था. बारात आ चुकी थी. बाराती खाना भी खा चुके थे. स्टेज पर जयमाल का कार्यक्रम चल रहा था.
दुल्हन ने जैसे ही दूल्हे को जयमाल बनाने की कोशिश की तो उसने दुल्हन का हाथ झटक कर फरमाइश कर दी. दूल्हे ने कहा कि पहले हमें 2 लाख रुपये दहेज दिलवा दो... साथ में एक अपाचे मोटरसाइकिल भी चाहिए. शादी की दहलीज पर खड़े बेचारी दुल्हन हंसराज की बात सुनते ही हैरान हो गई, क्योंकि बारात का सारा कार्यक्रम पूरा हो चुका था.
दुल्हन आखिरी वक्त पर 2 लाख रुपये पिता से कैसे दिलवाती, क्योंकि उसे अपने पिता की हालत पता थी. पहले ही पिता शादी में 500000 का दहेज दे चुके थे. ऐसे में दुल्हन ने अपने होने वाले पति को समझाने की कोशिश की. दुल्हन ने दूल्हे से कहा कि आखिरी वक्त पर ऐसी बात करना ठीक नहीं है.
इस पर दूल्हा नाराज हो गया और स्टेज पर ही दुल्हन को मारने लगा. स्टेज पर दुल्हन के साथ खड़ी उसकी बहनों और परिजनों ने जब विरोध किया तो दूल्हे और उसके घर वाले सभी को पीटने लगे. इसके बाद दूल्हे ने धमकी दी कि अगर दो लाख कैश नहीं दे सकते हो तो अब शादी नहीं होगी. इस मामले में दुल्हन के परिजनों ने थाने में शिकायत की.
पुलिस ने उनकी कोई सुनवाई नहीं की और दूल्हा बारात वापस लेकर चला गया. दुल्हन ने अपने परिजनों के साथ पुलिस कमिश्नर से शिकायत की. पुलिस कमिश्नर ने थानेदार को कार्यवाही के आदेश दिए. एडीसीपी अशोक कुमार सिंह का कहना है कि इस मामले में थानेदार को कंप्लेंट लिख कर कार्यवाही के आदेश दिए हैं.