भले ही माफिया अतीक अहमद अब इस दुनिया में नहीं रहा, मगर उससे जुड़े सैकड़ों किस्से लोगों की जुबां पर आज भी हैं. अतीक की हत्या से पहले यूपी सरकार ने माफिया के खिलाफ कई बड़ी कार्रवाई कीं. उमेश पाल की हत्या के बाद उसके घर से लेकर कार्यालय तक बुलडोजर भी चला. मगर, कुछ ऐसी चीजें और निशान अभी भी बरकरार हैं, जिसकी वजह से लोग उसकी चर्चा करते हैं. इसी में शामिल है अतीक के पिता का मलबे में पड़ा लाल रंग का ट्रैक्टर.
ये ट्रैक्टर उस समय का है जब अतीक गुंडई की पाठशाला में पढ़ रहा था. ये ट्रैक्टर उसके अब्बू फिरोज अहमद ने खरीदा था. लिहाजा, अतीक उससे बहुत ही लगाव रखता था. अतीक को जब भी फुर्सत मिलती थी, वो ट्रैक्टर को चलाता था. इस ट्रैक्टर की पूरी कहानी समझाने के लिए आपको कुछ साल पीछे ले चलते हैं...
1980 के दशक में फिरोज ने खरीदा था लाल रंग का ट्रैक्टर
अतीक अहमद अतीक अहमद के अब्बू फिरोज अहमद परिवार के साथ प्रयागराज के कसारी मसारी के कसरिया गांव में रहा करते थे. 1980 के दशक में फिरोज ने लाल रंग का ट्रैक्टर खरीदा था. जिसे किसानों के बुलावे पर जोताई के लिए भेजा करते थे. इसके एवज में पैसे मिलते थे. मगर, कई साल बाद अतीक के अब्बू अपने पैतृक घर को छोड़कर चकिया में रहने लगे.
उधर, अतीक अहमद भी बड़ा हो रहा था और उसका नाम भी सुर्खियों में रहने लगा था. इन सबके बीच वो ट्रैक्टर के ड्राइवर को खाना देने या तो घोड़े पर सवार होकर या तो अपनी नई बुलेट से जाता था. ये लाल रंग का ट्रैक्टर अतीक को इसलिए भी प्रिय था क्योंकि उसके घर में तब ये पहला चार पहिया वाहन था.
पिता के इंतकाल के बाद ट्रैक्टर की देखरेख करता था अतीक
फिरोज अहमद के इंतकाल के बाद अतीक ट्रैक्टर की देखरेख किया करता था. अतीक चार पहिया वाहनों का बहुत ही शौकीन था. इसलिए बदलते वक्त में हर नई गाड़ी उसके घर में खड़ी मिलती थी. बावजूद इसके जो लगाव लाल ट्रैक्टर से था, उतना नई गाड़ियों से नहीं था.
आज भी घर के कबाड़ में खड़ा है ये ट्रैक्टर
जब बाहुबली अतीक अहमद के साम्राज्य पर प्रदेश सरकार के कार्रवाई का डंडा चलने लगा तो अवैध संपत्ति पर भी कार्रवाई हुई. अतीक अहमद को सबसे ज्यादा दुख तब हुआ जब बुलडोजर से उसके अब्बू का खरीदा चकिया वाला घर गिरा दिया गया. उसके बाद अतीक को कई बार जेल भी जाना पड़ा. यही वजह थी कि अतीक का फेवरेट लाल रंग का ट्रैक्टर धीरे-धीरे कबाड़ में तब्दील हो गया.
मुंबई, मध्य प्रदेश, राजस्थान व गुजरात में फैला रखा था कारोबार
अतीक ने अपने धंधे दिल्ली से लेकर मुंबई तक और एमपी, राजस्थान से लेकर गुजरात तक फैला रखे थे. कई बेनामी संपत्तियां उसकी थीं. रियल एस्टेट से लेकर होटल तक के कारोबार से जुड़ा था. पुलिस ने जांच के दौरान अतीक के साले जकी अहमद का आधार कार्ड भी बरामद किया था. अतीक के साले के घर से मिली डायरी में पांच राज्यों में अतीक के फैले हजारों करोड़ के कारोबार की फेहरिस्त शामिल थी.
यूपी सरकार ने जारी किया था अतीक की संपत्ति का ब्योरा
दरअसल, 13 अप्रैल को यूपी सरकार की ओर से जारी डेटा के मुताबिक, प्रशासन ने अतीक अहमद की 417 करोड़ की संपत्ति को अपने कब्जे में ले लिया है, जबकि करीब 752 करोड़ रुपये के अवैध कब्जे को ध्वस्त कर दिया गया है. कुल मिलाकर अब तक 1169 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति का खुलासा हो चुका है.
ईडी ने अतीक के बेटे असद और शूटर गुलाम के एनकाउंटर से पहले अतीक और उसके करीबियों के ठिकानों पर छापे मारे थे. ईडी को तब 15 ठिकानों से 100 से ज्यादा अवैध और बेनामी संपत्तियों के दस्तावेज मिले थे. इस दौरान ये भी खुलासा हुआ था कि उसने लखनऊ और प्रयागराज के पॉश इलाकों में कई संपत्तियां खरीदी.
ये संपत्तियां या तो अतीक के नाम पर हैं, या उसके परिवारवालों के नाम पर हैं.इसी दौरान ED को अतीक के नाम दर्ज लखनऊ में 47 लाख रुपये की कीमत के 5900 Sqmt में बने मकान के सबूत मिले थे. अतीक अहमद ने साल 2013 में लखनऊ के गोमतीनगर का प्लॉट 29 लाख रुपये में लिखवा लिया था, जबकि सर्किल रेट से कीमत 47 लाख रुपये थी.