माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या करने वाले शूटर्स को लेकर की गई जांच में एसआईटी को 4 मोबाइल नंबरों का पता चला है. इनमें लवलेश तिवारी और एक अन्य शूटर अरुण मौर्य का मोबाइल नंबर शामिल है. इन नंबरों को कॉल डिटेल भी एसआईटी को मिल गई है. पुलिस अब सीडीआर के जरिए पता लगा रही है कि वारदात से पहले शूटर्स ने किससे और कितनी बार बात की.
बताया जा रहा है कि बांदा के रहने वाले शूटर लवलेश तिवारी ने हत्या से पहले आखिरी कॉल अपने भतीजे को की थी. इसी के साथ परिवार के लोगों से भी बातचीत की थी. इसके बाद उसने मोबाइल व सिम तोड़कर फेंक दिया था.
दूसरे शूटर अरुण मौर्य ने अपना मोबाइल व सिम नोएडा में नष्ट कर दिया था. लवलेश ने 12 अप्रैल को लखनऊ में मोबाइल व सिम कार्ड नष्ट किया था. एसआईटी ने जांच में इससे जुड़े 24 अन्य लोगों को नोटिस जारी किया है, इनमें पुलिसकर्मी के साथ मीडियाकर्मी व पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर व अन्य लोग शामिल हैं.
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एसआईटी को शूटरों के पास से आधार कार्ड भी मिला, जो फर्जी था. आधार में नाम व पिता का नाम तो सही था, लेकिन पता गलत लिखा था. इस आधार में तीनों का पता चित्रकूट ही दर्ज था. एसआईटी को सीडीआर से कुछ ऐसे नंबर मिले हैं, जिसमें बी और सी पार्टी के बारे में भी पुलिस को जानकारी जुटा रही है.
15 अप्रैल की रात कर दी थी अतीक-अहमद की हत्या
बता दें कि यूपी के प्रयागराज में अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की 15 अप्रैल की रात तीन शूटर्स ने गोली मारकर हत्या कर दी थी. तीनों हमलावर पत्रकार बनकर पहुंचे थे, और उस समय गोली मारी, जब पुलिस अतीक और अशरफ को मेडिकल के लिए लेकर जा रही थी. घटना के बाद पुलिस ने तीनों हमलावरों को पकड़ लिया था. पुलिस के अनुसार, अतीक और अशरफ पर गोली चलाने वाले तीनों आरोपियों का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है.
कौन हैं अतीक-अशरफ की हत्या करने वाले शूटर्स?
अतीक-अशरफ की हत्या करने वाले तीनों शूटर्स यूपी के अलग-अलग जिलों के रहने वाले हैं. अतीक और अशरफ को गोली मारने वाला शूटर लवलेश तिवारी बांदा का रहने वाला है, जबकि अरुण कासगंज का निवासी है. वहीं तीसरा आरोपी सनी हमीरपुर का रहने वाला है. पुलिस का कहना है कि तीनों आरोपी अतीक और अशरफ की हत्या के मकसद से ही प्रयागराज पहुंचे थे.
पुलिस के सामने आरोपियों ने किए थे ये खुलासे
अतीक अहमद और अशरफ पर तीनों शूटर्स ने चंद सेकंड आगे-पीछे एक साथ फायरिंग की थी. पुलिस के सामने सबसे सवाल ये था कि इन तीनों शूटर्स को लीड कौन कर रहा था? पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पहले दिन की पूछताछ में शूटर्स के हवाले से ये खुलासा हुआ है कि सनी सिंह खुद अपराधी और माफिया सुंदर भाटी गैंग के संपर्क में रह चुका है. हमीरपुर जेल में रहने के दौरान सनी सिंह सुंदर भाटी गैंग के संपर्क में आया था. सनी सिंह ने ही लवलेश तिवारी और अरुण को हत्या में शामिल किया था.
'पानीपत के एक दोस्त से मिली थी जिगाना पिस्टल'
अतीक और अशरफ के शूटर्स के पास मिली लाखों कीमत की जिगाना पिस्टल को लेकर भी अहम खुलासे हुए हैं. शूटर अरुण ने बताया था कि उसे पानीपत के एक दोस्त ने असलहा दिया था.
सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ में अरुण ने कहा था कि उसे नहीं पता था कि जिगाना पिस्टल इतनी महंगी है, लेकिन ये पता था कि इसके फायर से जिंदा बच पाना मुमकिन नहीं है, जबकि शूटर सनी सिंह ने कहा था कि उसे ये टर्किश जिगाना पिस्टल एक गैंगस्टर ने दी थी, जिसकी दिसंबर 2021 में दिल्ली में हत्या हो गई थी. सनी उस गैंगस्टर से 2021 के मई महीने में ही मिला था.
पुलिस के सामने क्या बोले थे तीनों शूटर्स?
शूटर सनी सिंह ने कहा था कि वो किसी के लिए काम नहीं करता, वो खुद एक डॉन है और उसने पैसे और शोहरत की चाहत में अतीक-अशरफ की हत्या की है. शूटर लवलेश तिवारी ने बताया कि वो कट्टर हिंदूवादी है और मशहूर होने के लिए उसने अतीक-अशरफ की हत्या कर दी. शूटर अरुण ने कहा था कि अतीक और अशरफ की हत्या करके वो ढेर सारा पैसा और पब्लिसिटी पाना चाहता था.
पूछताछ में आरोपियों ने कहा था कि अतीक अहमद की हत्या के लिए शूटर्स ने 14 अप्रैल को भी कोशिश की थी. पुलिस रिमांड के लिए सुनवाई में अदालत जाते समय शूटर्स आसपास मौजूद थे, लेकिन बेहद सख्त सुरक्षा घेरा देखकर हमले का प्लान टाल दिया था.