उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से खाकी को कलंकित करने का एक मामला सामने आया है. बंगाल के रहने वाले दंपति से गोरखपुर में तैनात एक सिपाही ने लूटपाट करने का प्रयास किया है. मिली जानकारी के अनुसार बंगाल के रहने वाले दंपति बिहार के नरकटियागंज बस से गोरखपुर आये थे.
सौरव विश्वास नरकटियागंज में मजदूरी करते थे और अब वह रोजगार की तलाश में मुंबई जा रहे थे. इसी दरमियान प्लेटफार्म नंबर 9 पर खाकी वर्दी में एक सिपाही पहुंचता है और दंपति को वर्दी का खौफ दिखाकर मोबाइल चोरी का आरोप लगाते हुए ट्रेन से नीचे उतरवा देता है. इसके बाद चेकिंग करने के लिए साथ ले जाने की बात करता है और उन्हें अगवा कर लेता है।
पुलिस लाइन में तैनात गाजीपुर का रहने वाला आरोपी सिपाही अभिषेक यादव दंपति को अपनी गाड़ी पर बैठाकर गोरखनाथ थाने पर लेकर आया.वहां पर उसने सौरभ विश्वास को गोरखनाथ थाने के गेट पर उतार दिया. उसकी पत्नी को महिला थाना ले जाने की बात करके वह स्पोर्ट्स कॉलेज ले गया.यहां पर उसने महिला से उसके गहने और पैसे लूटने का प्रयास किया.महिला के शोर मचाने पर वह उसे मारने लगा और मौके से फरार हो गया.
पीड़ित सौरभ विश्वास बंगाल के नादिया जिला स्थित सुलवा गेट के निवासी है.सौरभ विश्वास ने अपने साथ हुई घटना की जानकारी गोरखनाथ थाने के पुलिस कर्मियों को दी.सूचना पाकर पुलिस आरोपी की तलाश में जुट गई .पुलिस की सतर्कता के वजह से महिला को कुछ ही घंटे में स्पोर्ट्स कॉलेज से बरामद कर लिया गया. वहीं दूसरी तरफ आरोपी सिपाही अभिषेक यादव को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है.
पीड़ित सौरव विश्वास की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी सिपाही के खिलाफ जानलेवा हमला और फर्जी दस्तावेज तैयार कर जालसाजी का मुकदमा दर्ज कर लिया है.सीसीटीवी फुटेज और सर्विलांस की मदद से सिपाही अभिषेक यादव को गिरफ्तार कर निलंबित भी कर दिया गया है.